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बोर्ड परीक्षा : आंध्र सरकार का सुप्रीम कोर्ट में जवाब, 31 जुलाई तक जारी कर देंगे रिजल्ट
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: देवेश शर्मा
Updated Fri, 25 Jun 2021 03:50 PM IST
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आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने शीर्ष अदालत को बताया कि 10 दिनों में सरकार की एक उच्चाधिकार समिति बन जाएगी। जो मूल्यांकन योजना तैयार करेगी और बोर्ड की ओर से 31 जुलाई, 2021 से पहले परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
बोर्ड परीक्षा न्यूज अपडेट
- फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
आंध्र प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि उसने 12वीं कक्षा के लिए राज्य बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया है। आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने शीर्ष अदालत को बताया कि 10 दिनों में सरकार की एक उच्चाधिकार समिति बन जाएगी। जो मूल्यांकन योजना तैयार करेगी और बोर्ड की ओर से 31 जुलाई, 2021 से पहले परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
इससे पहले, गुरुवार को आंध्र प्रदेश सरकार ने कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द करने का निर्णय किया था। राज्य के शिक्षा मंत्री ए सुरेश ने यह जानकारी दी थी। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य सरकार को चेतावनी दिए जाने के कुछ ही घंटों बाद आया था। बोर्ड परीक्षाओं से जुड़ीं याचिकाओं पर गुरुवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यदि परीक्षा के मामले में एक भी मौत हुई तो राज्य सरकार जिम्मेदार होगी। इससे पहले आंध्र प्रदेश सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया था कि वह राज्य में बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी कर रही है।
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गुरुवार को सुनवाई के दौरान, शीर्ष अदालत ने आंध्र प्रदेश को बताया कि वह कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के लिए राज्य द्वारा सुझाए गए एहतियाती उपायों के बारे में आश्वस्त नहीं है और कहा कि जब तक संतुष्ट नहीं होगा कि कोविड के कारण कोई मृत्यु नहीं होगी, यह उन्हें अनुमति नहीं देगा। अदालत ने यह भी कहा कि वह कई अन्य राज्यों की तरह मृत्यु के मामले में मुआवजे के पहलू पर भी गौर कर सकती है जहां संक्रमण के कारण मौत के लिए एक करोड़ रुपये दिए जाते हैं।
न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की एक विशेष पीठ ने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के फैसले पर आंध्र सरकार से कड़े सवाल किए और राज्य के स्थायी वकील को कहा, हम परीक्षा आयोजित करने के लिए आपके द्वारा उठाए जा रहे एहतियाती उपायों से संतुष्ट नहीं हैं। अदालत ने कहा कि आपके द्वारा तैयार किए गए तंत्र से हम आश्वस्त नहीं हैं। जब तक हम संतुष्ट नहीं हो जाते कि आप बिना किसी मौत के परीक्षा आयोजित करने में सक्षम हैं, हम आपको परीक्षा आयोजित करने की अनुमति नहीं देंगे।
यह भी पढ़ें : आंध्र प्रदेश बोर्ड : सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद रद्द कीं कक्षा 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाएं
Andhra Pradesh govt informs Supreme Court that it has decided to cancel State Board examinations for class XII. Senior adv Dushyant Dave appearing for AP told SC that in 10 days it'll have a High Powered Committee which will devise assessment scheme&declare results before July 31
विज्ञापन— ANI (@ANI) June 25, 2021विज्ञापन
इससे पहले, गुरुवार को आंध्र प्रदेश सरकार ने कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द करने का निर्णय किया था। राज्य के शिक्षा मंत्री ए सुरेश ने यह जानकारी दी थी। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य सरकार को चेतावनी दिए जाने के कुछ ही घंटों बाद आया था। बोर्ड परीक्षाओं से जुड़ीं याचिकाओं पर गुरुवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यदि परीक्षा के मामले में एक भी मौत हुई तो राज्य सरकार जिम्मेदार होगी। इससे पहले आंध्र प्रदेश सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया था कि वह राज्य में बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी कर रही है।
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गुरुवार को सुनवाई के दौरान, शीर्ष अदालत ने आंध्र प्रदेश को बताया कि वह कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के लिए राज्य द्वारा सुझाए गए एहतियाती उपायों के बारे में आश्वस्त नहीं है और कहा कि जब तक संतुष्ट नहीं होगा कि कोविड के कारण कोई मृत्यु नहीं होगी, यह उन्हें अनुमति नहीं देगा। अदालत ने यह भी कहा कि वह कई अन्य राज्यों की तरह मृत्यु के मामले में मुआवजे के पहलू पर भी गौर कर सकती है जहां संक्रमण के कारण मौत के लिए एक करोड़ रुपये दिए जाते हैं।
न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की एक विशेष पीठ ने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के फैसले पर आंध्र सरकार से कड़े सवाल किए और राज्य के स्थायी वकील को कहा, हम परीक्षा आयोजित करने के लिए आपके द्वारा उठाए जा रहे एहतियाती उपायों से संतुष्ट नहीं हैं। अदालत ने कहा कि आपके द्वारा तैयार किए गए तंत्र से हम आश्वस्त नहीं हैं। जब तक हम संतुष्ट नहीं हो जाते कि आप बिना किसी मौत के परीक्षा आयोजित करने में सक्षम हैं, हम आपको परीक्षा आयोजित करने की अनुमति नहीं देंगे।
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