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Delhi NCR News: एसओएल में विदेशी भाषा पाठ्यक्रमों के लिए दाखिले की रेस शुरू
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इस बार सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों मोड में किए जा सकेंगे
10 जुलाई तक किया जा सकता है आवेदन, सितंबर से शुरू होंगी कक्षाएं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) के अंतर्गत कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग (सीओएल) में विदेशी भाषाओं के सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों में दाखिले की रेस शुरू हो गई है। पिछले साल केवल आठ विदेशी भाषाओं में सर्टिफिकेट प्रोग्राम को शुरू किया गया था, जबकि इस साल एक नया विदेशी पाठ्यक्रम भी शुरू किया जा रहा है। इस बार पाठ्यक्रम ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों मोड में किए जा सकेंगे। वहीं, डिप्लोमा स्तर के पाठ्यक्रमों को इस बार से ऑफलाइन मोड में ही शुरू किया गया है।
विदेशी भाषा की पढ़ाई के इच्छुक छात्र 10 जुलाई तक https://cifl.oldcdu.ac.in/ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वहीं, फीस भुगतान के लिए अंतिम तिथि 14 जुलाई तय की गई है। दाखिले पूरी तरह प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर होंगे। कक्षाएं सितंबर से शुरू होंगी। सीओएल के ओपन लर्निंग डेवलपमेंट सेंटर (ओएलडीसी) के तहत सेंटर फॉर इंडियन एंड फॉरेन लैंग्वेज में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सर्टिफिकेट स्तर पर आठ विदेशी भाषा पाठ्यक्रम की शुरूआत की हई थी। इनमें चीनी, जापानी, कोरियन, इटेलियन, स्पेनिश, फ्रेंच, जर्मन और पुर्तगाली भाषाएं शामिल थी।
इस बार डीयू के डिपार्टमेंट ऑफ स्लावोनिक एंड फिनो उग्रियन के सहयोग से रशियन पाठ्यक्रम भी शुरू किया जा रहा है। एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो ने बताया कि रशियन भाषा के अलावा अन्य पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय के जर्मेनिक एंड रोमांस स्टडीज विभाग तथा ईस्ट एशियन स्टडीज विभाग से संबद्ध हैं। पाठ्यक्रमों की परीक्षा और प्रमाणपत्र दोनों दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा ही प्रदान किए जाएंगे।
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दाखिला प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए 200 रुपये पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है। विश्वविद्यालय के बाहर के छात्रों को 300 रुपये नामांकन शुल्क देना होगा, जबकि 10,000 रुपये पाठ्यक्रम शुल्क, 510 रुपये परीक्षा शुल्क देना होगा। वहीं, डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए 15,000 रुपये पाठ्यक्रम शुल्क देना होगा जबकि अन्य शुल्क सर्टिफिकेट प्रोग्राम के समान ही रहेगा। दोनों प्रोग्राम में स्नातक छात्रों को अतिरिक्त दस फीसदी की वेटेज मिलेगी जबकि स्नातकोत्तर छात्रों के लिए वेटेज 15 फीसदी होगी। कक्षाओं की शुरुआत सितंबर से होगी। विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ-साथ बाहरी छात्र भी इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकेंगे।
10 जुलाई तक किया जा सकता है आवेदन, सितंबर से शुरू होंगी कक्षाएं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) के अंतर्गत कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग (सीओएल) में विदेशी भाषाओं के सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों में दाखिले की रेस शुरू हो गई है। पिछले साल केवल आठ विदेशी भाषाओं में सर्टिफिकेट प्रोग्राम को शुरू किया गया था, जबकि इस साल एक नया विदेशी पाठ्यक्रम भी शुरू किया जा रहा है। इस बार पाठ्यक्रम ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों मोड में किए जा सकेंगे। वहीं, डिप्लोमा स्तर के पाठ्यक्रमों को इस बार से ऑफलाइन मोड में ही शुरू किया गया है।
विदेशी भाषा की पढ़ाई के इच्छुक छात्र 10 जुलाई तक https://cifl.oldcdu.ac.in/ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वहीं, फीस भुगतान के लिए अंतिम तिथि 14 जुलाई तय की गई है। दाखिले पूरी तरह प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर होंगे। कक्षाएं सितंबर से शुरू होंगी। सीओएल के ओपन लर्निंग डेवलपमेंट सेंटर (ओएलडीसी) के तहत सेंटर फॉर इंडियन एंड फॉरेन लैंग्वेज में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सर्टिफिकेट स्तर पर आठ विदेशी भाषा पाठ्यक्रम की शुरूआत की हई थी। इनमें चीनी, जापानी, कोरियन, इटेलियन, स्पेनिश, फ्रेंच, जर्मन और पुर्तगाली भाषाएं शामिल थी।
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इस बार डीयू के डिपार्टमेंट ऑफ स्लावोनिक एंड फिनो उग्रियन के सहयोग से रशियन पाठ्यक्रम भी शुरू किया जा रहा है। एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो ने बताया कि रशियन भाषा के अलावा अन्य पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय के जर्मेनिक एंड रोमांस स्टडीज विभाग तथा ईस्ट एशियन स्टडीज विभाग से संबद्ध हैं। पाठ्यक्रमों की परीक्षा और प्रमाणपत्र दोनों दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा ही प्रदान किए जाएंगे।
दाखिला प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए 200 रुपये पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है। विश्वविद्यालय के बाहर के छात्रों को 300 रुपये नामांकन शुल्क देना होगा, जबकि 10,000 रुपये पाठ्यक्रम शुल्क, 510 रुपये परीक्षा शुल्क देना होगा। वहीं, डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए 15,000 रुपये पाठ्यक्रम शुल्क देना होगा जबकि अन्य शुल्क सर्टिफिकेट प्रोग्राम के समान ही रहेगा। दोनों प्रोग्राम में स्नातक छात्रों को अतिरिक्त दस फीसदी की वेटेज मिलेगी जबकि स्नातकोत्तर छात्रों के लिए वेटेज 15 फीसदी होगी। कक्षाओं की शुरुआत सितंबर से होगी। विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ-साथ बाहरी छात्र भी इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकेंगे।