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Noida News: सैनिकों ने सीखी स्वाद और सफलता की नई राह, आईसीआई में 46 जवानों का पाक कला प्रशिक्षण पूरा
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- 16 सप्ताह के विशेष डीजीआर कार्यक्रम में फूड प्रोडक्शन से लेकर अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों तक का मिला प्रशिक्षण
- सेवानिवृत्त सैनिकों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की पहल, संस्थान में बढ़ रहा छात्रों का रुझान
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-62 स्थित भारतीय पाक कला संस्थान (आईसीआई) में पूर्व सैनिकों और रक्षा बलों के जवानों के लिए आयोजित 16 सप्ताह का विशेष पाक कला प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। पर्यटन मंत्रालय के तहत संचालित डायरेक्टरेट जनरल रीसेटलमेंट (डीजीआर) योजना के अंतर्गत आयोजित इस बैच में सेना, नौसेना और वायुसेना के 46 जवानों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को फूड प्रोडक्शन, बेकिंग, भारतीय एवं अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों की तैयारी, फूड प्रेजेंटेशन और आधुनिक कुकिंग तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही भारत की विलुप्त होती पारंपरिक रेसिपी और क्षेत्रीय व्यंजनों को तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। जवानों ने राजस्थानी, भारतीय पारंपरिक और कॉन्टिनेंटल व्यंजनों की बारीकियां सीखीं।
संस्थान के शेफ मोहित ने बताया कि अधिकांश प्रतिभागियों की उम्र 50 वर्ष से अधिक थी, लेकिन सीखने का उनका उत्साह युवाओं से कम नहीं था। उन्होंने नई तकनीकों को अपनाने में विशेष रुचि दिखाई और प्रशिक्षण के दौरान भारतीय खानपान की समृद्ध विरासत तथा उसके ऐतिहासिक महत्व को भी समझा। शुक्रवार को संपन्न हुआ यह संस्थान का चौथा डीजीआर प्रशिक्षण बैच था। वहीं, 8 जून से नए बैच की शुरुआत भी हो चुकी है। संस्थान का उद्देश्य सेवानिवृत्त सैनिकों को कौशल आधारित शिक्षा देकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
बढ़ रहा युवाओं का रुझान-
आईसीआई में स्नातक, स्नातकोत्तर, फूड प्रोडक्शन और बेकरी से जुड़े विभिन्न डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। संस्थान के अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष छात्रों का रुझान पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अब तक करीब 70 छात्रों ने प्रवेश लिया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक है। शेफ संजीव ने बताया कि बढ़ती मांग को देखते हुए प्रवेश प्रक्रिया जुलाई तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि संस्थान भारतीय पाक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ युवाओं और पेशेवरों को आधुनिक पाक कला की शिक्षा देकर बेहतर करियर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है।
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- सेवानिवृत्त सैनिकों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की पहल, संस्थान में बढ़ रहा छात्रों का रुझान
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-62 स्थित भारतीय पाक कला संस्थान (आईसीआई) में पूर्व सैनिकों और रक्षा बलों के जवानों के लिए आयोजित 16 सप्ताह का विशेष पाक कला प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। पर्यटन मंत्रालय के तहत संचालित डायरेक्टरेट जनरल रीसेटलमेंट (डीजीआर) योजना के अंतर्गत आयोजित इस बैच में सेना, नौसेना और वायुसेना के 46 जवानों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को फूड प्रोडक्शन, बेकिंग, भारतीय एवं अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों की तैयारी, फूड प्रेजेंटेशन और आधुनिक कुकिंग तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही भारत की विलुप्त होती पारंपरिक रेसिपी और क्षेत्रीय व्यंजनों को तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। जवानों ने राजस्थानी, भारतीय पारंपरिक और कॉन्टिनेंटल व्यंजनों की बारीकियां सीखीं।
संस्थान के शेफ मोहित ने बताया कि अधिकांश प्रतिभागियों की उम्र 50 वर्ष से अधिक थी, लेकिन सीखने का उनका उत्साह युवाओं से कम नहीं था। उन्होंने नई तकनीकों को अपनाने में विशेष रुचि दिखाई और प्रशिक्षण के दौरान भारतीय खानपान की समृद्ध विरासत तथा उसके ऐतिहासिक महत्व को भी समझा। शुक्रवार को संपन्न हुआ यह संस्थान का चौथा डीजीआर प्रशिक्षण बैच था। वहीं, 8 जून से नए बैच की शुरुआत भी हो चुकी है। संस्थान का उद्देश्य सेवानिवृत्त सैनिकों को कौशल आधारित शिक्षा देकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
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बढ़ रहा युवाओं का रुझान-
आईसीआई में स्नातक, स्नातकोत्तर, फूड प्रोडक्शन और बेकरी से जुड़े विभिन्न डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। संस्थान के अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष छात्रों का रुझान पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अब तक करीब 70 छात्रों ने प्रवेश लिया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक है। शेफ संजीव ने बताया कि बढ़ती मांग को देखते हुए प्रवेश प्रक्रिया जुलाई तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि संस्थान भारतीय पाक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ युवाओं और पेशेवरों को आधुनिक पाक कला की शिक्षा देकर बेहतर करियर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है।