नजफगढ़ दोहरे हत्याकांड में पार्षद समेत तीन गिरफ्तार
नजफगढ़ के निगम पार्षद कार्यालय में दो पीएसओ की हत्या के मामले में पुलिस ने निगम पार्षद कृष्ण पहलवान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कृष्ण पहलवान समेत तीन लोगों को सबूत नष्ट करने व पुलिस को गलत जानकारी मुहैया करवाने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए अन्य आरोपी की पहचान प्रमोद और टिल्लू के रूप में हुई है। पुलिस को दोहरे हत्याकांड के पीछे साजिश की आशंका है। पुलिस मुख्य आरोपी जोगिंदर को दो दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है, जबकि अन्य आरोपियों को भी अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात को निगम पार्षद कृष्ण पहलवान के नांगलोई बक्करवाला रोड स्थित कार्यालय की पहली मंजिल पर इलाके के कई प्रॉपर्टी डीलरों के पीएसओ पार्टी कर रहे थे।
इसी दौरान कहासुनी के बाद जोगिंदर ने पीएसओ अशोक और फौजी को गोली मार दी। दोनों को जख्मी हालत में पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटनास्थल पर साक्ष्य मिटाने की हुई कोशिश
घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को घटनास्थल पर निगम पार्षद कृष्ण पहलवान मिला। पुलिस सूत्रों का कहना है कि घटनास्थल पर साक्ष्य को मिटाने की कोशिश की गई थी।
आरोपी ने हत्या में इस्तेमाल हथियार को छिपा दिया था और सीसीटीवी के डीवीआर को नष्ट कर दिया था। साथ ही घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। पुलिस घटनास्थल पर मौजूद कृष्ण पहलवान, जोगिंदर, प्रमोद और टिल्लू को हिरासत में लेकर थाने गई। पुलिस ने सभी से पूछताछ की। छानबीन में पता चला कि मरने वाले पीएसओ अशोक और फौजी की हत्या जोगिंदर ने की है। पार्टी के दौरान शराब के नशे में जोगिंदर की उनके साथ कहासुनी हो गई थी।
जांच के बाद शनिवार शाम को पुलिस ने जोगिंदर को गिरफ्तार कर लिया। वहीं निगम पार्षद समेत तीन लोगों को साक्ष्य छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। हालांकि पुलिस ने दोहरे हत्याकांड में गहरी साजिश की आशंका जताई है।
अदालत में पुलिस ने कहा कि मुख्य आरोपी जोगिंदर ने दोनों पीएसओ की हत्या की है, लेकिन हत्याकांड में वह अकेला नहीं है, बल्कि अन्य आरोपी भी किसी न किसी तौर पर इसमें शामिल हैं, इसलिए पुलिस ने जोगिंदर की तीन दिन की रिमांड की मांग की, लेकिन अदालत ने जोगिंदर को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया, वहीं अन्य आरोपियों को जेल भेज दिया है।