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हमें पानी नहीं तो सीएम को भी नहीं...
अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 28 Apr 2014 03:21 PM IST
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मई बस आ ही गया है। सूरज की लगातार बढ़ती तपिश के बीच लोकसभा चुनाव की सरगर्मियां भी चरम पर हैं।
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और इनके बीच प्यासे हलक लिए देहरादून की जनता का भी पारा अब चढ़ने लगा है। गर्मी की दस्तक के साथ ही बूंद-बूंद के लिए तरसना जिन लोगों की नियति सा बन गया है, वे अब आर-पार के लिए तैयार हैं।
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वादों-दावों से कुछ होता नहीं, वे देख चुके हैं। नेता आते हैं, चल देते हैं। अफसर कुछ सुनते नहीं। ऐसे में लोग अब नेताओं, अफसरों को सबक सिखाने के मूड में लगते हैं।
वे सवाल पूछते हैं हमें पानी नहीं तो सीएम को क्यों, सचिवालय में बैठे अफसरों को क्यों? उन्हें उम्मीद है कि शायद इस दौर में, जब नेताओं के लिए एक-एक वोट कीमती है, उनकी सुनवाई हो जाए।
न भी हो तो पानी के लिए अब वे लड़ाई के लिए भी पूरी तरह तैयार नजर आते हैं।
शहरी क्षेत्रों में भी आपूर्ति ठप
राजपुर स्थित बांदल स्रोत से 16 एमएलडी पानी हर रोज दिलाराम चौक स्थित वाटर वर्क्स पहुंचता है। यहां से शहरी आबादी को पानी की सप्लाई की जाती है।
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वर्ष 1938 में इस स्रोत से 10 और 14 इंच की लाइन बिछाई गई थी। इनमें से एक लाइन से वाटर वर्क्स और दूसरी लाइन से रायपुर, लाडपुर, हर्रावाला आदि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी जाता था।
कुछ समय पूर्व एडीबी ने वाटर वर्क्स के लिए 18 इंच की नई लाइन बिछाई है। इसके बाद पुरानी दस इंच की लाइन में आपूर्ति कम होने से ग्रामीण क्षेत्रों में किल्लत बढ़ गई।
लोगों को वजह मालूम हुई तो उन्होंने स्रोत से वाटर वर्क्स जाने वाली लाइन का मुंह बंद कर दिया। इससे शहरी क्षेत्रों में भी आपूर्ति ठप हो गई।
सालभर पेयजल किल्लत से जूझते हैं यहां लोग
हाथीबड़कला, सालावाला, कैंट रोड वे इलाके हैं जो दिलाराम स्थित वाटर वर्क्स से सबसे नजदीक होने के बावजूद सालभर पेयजल किल्लत से जूझते हैं।
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क्षेत्रीय पार्षद भूपेंद्र कठैत बताते हैं कि कुछ दिन से यह समस्या बहुत बढ़ गई। इस संबंध में जल संस्थान के अधिकारियों से लगातार शिकायतें की गईं, लेकिन वे चुप्पी साधे रहे।
अब पता चला है कि ग्रामीणों ने बांदल स्रोत से ही सप्लाई बंद कर दी थी। कठैत कहते हैं कि विभाग की सुस्ती से जनता खफा है। कहा कि, आम आदमी प्यासा है तो आखिर मुख्यमंत्री को 24 घंटे कैसे पानी दिया जा रहा है।
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उन्होंने चेतावनी दे डाली है कि अगर क्षेत्र में पानी की आपूर्ति सुचारु नहीं हुई तो सीएम आवास की लाइन बंद कर देंगे।
यहां है दिक्कत
कैंट रोड, हाथीबड़कला, सालावाला, डीएल रोड, घंटाघर, चकराता रोड, सीमेंट रोड, नेशविला रोड, एस्लेहॉल चौक, डोभालवाला, आदि क्षेत्र।
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पानी नहीं आता तो लोग शिकायतें दर्ज कराते हैं। बांदल स्रोत से पानी रोकने की बात मेरी जानकारी में तो गलत है। ऐसा कैसे हो सकता है? पुरानी लाइन में लीकेज हो रहा था। उसकी मरम्मत के लिए लाइन खाली की गई थी। दोबारा पानी स्टोर होने में दो से तीन दिन का वक्त लग जाता है। गर्मी भी बढ़ रही है, लिहाजा कुछ क्षेत्रों में दिक्कत है। देखेंगे, सप्लाई ठीक की जाएगी।
- एचके पांडे, अधीक्षण अभियंता, जल संस्थान