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चिठ्ठियों में अटक गया सड़कों का सफर
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 12 Jan 2014 08:57 AM IST
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बीआरओ की सड़कों को लेकर प्रदेश सरकार भले ही रोलबैक कर चुकी हो पर इन सड़कों को बनाने में अभी भी संशय बना हुआ है।
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सरकार ने यह तो स्पष्ट कर दिया कि पीडबल्यूडी इन सड़कों को नहीं बनाएगा पर बीआरओ को यह बताने की जहमत नहीं उठाई गई। ऐसे में यात्रा मार्ग की महत्वपूर्ण सड़कों का काम लटकने की आशंका बन गई है।
निर्माण सामग्री की दिक्कत
उधर, सड़क निर्माण सामग्री की दिक्कतें बीआरओ के लिए बनी हुई हैं। सरकार ने तीन स्टोन क्रेशर बीआरओ को दिए जाने पर सहमति दी है, लेकिन अभी प्रक्रिया पूरी होने में समय लगेगा।
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बीआरओ के सामने यह गफलत की स्थिति बनी हुई है कि रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड सड़क मार्ग उन्हें ही बनाना है। बीआरओ ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए पूछा है कि रुद्रप्रयाग गौरीकुंड मार्ग की स्थिति स्पष्ट की जाए।
पहले पीडब्लयूडी से कराने की थी तैयारी
राज्य सरकार ने पहले केंद्र से सड़कों को लोक निर्माण विभाग के अधीन करने की मांग रखी थी, जिसके बाद सरकार ने रुद्रप्रयाग गौरीकुंड सड़क मार्ग के निर्माण की बात कही थी।
मुख्यमंत्री केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री से मिलने के बाद इस मार्ग को अपने अधीन लेने की बात कह चुके हैं, जिसके बाद सरकार ने फैसला बदल दिया। गौरतलब है कि उत्तरकाशी से गंगोत्री और जोशीमठ से सीमा तक जाने वाले मार्ग बीआरओ के अधीन रहेंगे।

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