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Dehradun News: - पुलिस या कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर नहीं करती गिरफ्तारी
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देशभर में इन दिनों डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। देहरादून में भी लगातार इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। साइबर अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआई या अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के जरिये लोगों को डराते हैं और उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश करते हैं।
आपको ऐसे ठगों से सावधान रहना है। पुलिस किसी को भी वीडियो कॉल में गिरफ्तार नहीं करती। विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भारतीय कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई प्रावधान नहीं है। अपराधी अक्सर वर्दी पहनकर या फर्जी पहचानपत्र दिखाकर वीडियो कॉल करते हैं और पीड़ित को यह कहकर डराते हैं कि उसका नाम किसी आपराधिक मामले में शामिल है। इसके बाद वे जांच या गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर पैसे देने का दबाव बनाते हैं। आपको ऐसे कॉल्स आएं तो घबराएं नहीं और कॉल करने वाले की बातों में न आएं। तुरंत कॉल काट दें। किसी भी तरह की निजी या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें।
घटना की शिकायत साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें और नजदीकी साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। इसलिए जागरूक रहें और किसी के भी झांसे में न आएं। किसी के भी दबाव में आकर पैसे देने से पहले पुलिस से संपर्क करें।
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आपको ऐसे ठगों से सावधान रहना है। पुलिस किसी को भी वीडियो कॉल में गिरफ्तार नहीं करती। विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भारतीय कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई प्रावधान नहीं है। अपराधी अक्सर वर्दी पहनकर या फर्जी पहचानपत्र दिखाकर वीडियो कॉल करते हैं और पीड़ित को यह कहकर डराते हैं कि उसका नाम किसी आपराधिक मामले में शामिल है। इसके बाद वे जांच या गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर पैसे देने का दबाव बनाते हैं। आपको ऐसे कॉल्स आएं तो घबराएं नहीं और कॉल करने वाले की बातों में न आएं। तुरंत कॉल काट दें। किसी भी तरह की निजी या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें।
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घटना की शिकायत साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें और नजदीकी साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। इसलिए जागरूक रहें और किसी के भी झांसे में न आएं। किसी के भी दबाव में आकर पैसे देने से पहले पुलिस से संपर्क करें।