धमकी का असर: छठे दिन भी नेपाल नहीं गए भारतीय वाहन
(फोटो- इस तरह पहुंचाई जा रही जरूरी सामग्री)
नेपाल प्रशासन से सुरक्षा का आश्वासन नहीं मिलने से भारतीय वाहनों के नेपाल जाने पर लगी रोक छठे दिन भी बरकरार रही। अलबत्ता नेपाली वाहन और नेपाली नागरिकों का सीमा पर आवागमन पूर्ववत जारी है। भारत से आम जरूरत की वस्तुएं नेपाल भेजी जा रही हैं। चंपावत से लगी भारतीय सीमा तक यात्री वाहनों का संचालन सुचारु है।
नेपाल के एकीकृत माओवादी छात्र संगठन द्वारा भारतीय वाहनों को आग लगाने की धमकी के चलते सुरक्षा के तहत प्रशासन ने भारतीय वाहनों के नेपाल जाने पर रोक लगा रखी है, किंतु नेपाली यात्रियों को सीमा तक छोड़ने के लिए मैजिक, ई-रिक्शा और तांगों को पिलर संख्या-7 तक जाने दिया जा रहा है।
नेपाल के एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक शनिवार को काठमांडू में चल रही सर्वदलीय बैठक के निर्णय के बाद ही समस्या का हल निकलने की संभावना है।
भारत से सामान जा रहा लेकिन नेपाल से कोई आमद नहीं
कस्टम अधीक्षक पीयूष पांडेय ने बताया कि भारत से नेपाल को होने वाला वैधानिक व्यापार जारी है। गैर प्रतिबंधित वस्तुओं की खेप सीमा पर पहुंच रहे नेपाली वाहनों से नेपाल पहुंचाई जा रही है। आमतौर पर सब्जियां और फल बहुतायत में नेपाल जा रहे हैं।
नेपाल से कोई वस्तु भारत नहीं आने से क्वारनटाइन विभाग की आय चरमरा गई है। कम संख्या में नेपाली नागरिकों के भारत का रुख करने से बनबसा बाजार का कारोबार प्रभावित हुआ है।
रोडवेज को प्रतिदिन तीन से साढ़े तीन लाख का नुकसान हो रहा है। बता दें कि इस सीमा से सीमावर्ती कंचनपुर जिला मुख्यालय महेंद्रनगर को प्रत्येक जरूरत की वस्तुओं की खेप पूर्ववत पहुंच रही है।