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'लालच' में कांग्रेस के विधायकों ने दिल्ली में डाला डेरा
अमर उजाला, नई दिल्ली/देहरादून
Updated Fri, 10 Jan 2014 01:20 PM IST
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगणा को कांग्रेस हाईकमान की ओर से हटाने की चर्चाओं के बीच उत्तराखंड के कुछ कांग्रेसी विधायकों ने दिल्ली में डेरा डाल दिया है।
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अंबिका सोनी से मुलाकात करने की योजना
मदन बिष्ट और हरक सिंह रावत समेत पांच विधायकों ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्री हरीश रावत से मुलाकात की। ये विधायक प्रदेश की प्रभारी कांग्रेस महासचिव अंबिका सोनी से मुलाकात करने की योजना भी बना रहे हैं।
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इधर, देहरादून में गुरुवार को नेतृत्व परिवर्तन के मसले पर ऐसा शोर उठा कि शाम होते-होते बहुगुणा खेमे के सक्रिय होने, सतपाल महाराज के लिए लॉबिंग करने तक का दावा किया जाता रहा।
वैसे, एक मंत्री ने स्पष्ट किया कि नेतृत्व परिवर्तन पर दिल्ली में बातचीत हुई है, पर तुरंत कोई फैसला नहीं होने जा रहा है। इस संबंध में अंबिका सोनी ने पत्रकारों से कहा कि कुछ विधायक दिल्ली आए हुए हैं।
हालांकि, अंबिका सोनी ने प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन के सवाल पर कोई स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया। कहा कि मीडिया पहले दिन से ही उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन की बात कर रहा है। आपको पता है कि मुख्यमंत्री विधायकों की सहमति और चुनाव घोषणापत्र को लागू करने के आधार पर बने हैं।
हर कांग्रेसी की अपनी थ्योरी
कांग्रेस में गुरुवार को फिर तूफान उठा। नेतृत्व परिवर्तन के मसले पर ऐसा शोर उठा कि शाम होते-होते बहुगुणा खेमे के सक्रिय होने, सतपाल महाराज के लिए लॉबिंग तक का दावा किया जाता रहा।
हालांकि, कांग्रेस के एक मंत्री ने दिल्ली में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर बातचीत की पुष्टि तो की पर स्पष्ट किया कि तुरंत कोई फैसला नहीं होने जा रहा है।
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गुरुवार की सुबह चर्चा चली कि पांच विधायक दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिले हैं। पर ये विधायक हैं कौन, यह नाम दिन भर कहीं से सामने नही आएं। अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी भी दिल्ली में हैं। लेकिन पूछने पर उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ दिल्ली आए हैं।
ललित फर्सवाण का मोबाइल फोन बंद था, पर धारचूला विधायक हरीश धामी ने बताया कि ललित बागेश्वर में हैं। खुद हरीश धामी के मुताबिक वे दिन भर धारचूला में आपदा प्रभावितों से मिलते रहे। सुबोध उनियाल, राजकुमार, एके मैखुरी, राजेंद्र भंडारी, हरीदास देहरादून में ही थे।
हाईकमान ने मुख्यमंत्री को किया तलब
शाम को पता चला कि हरक सिंह, मदन बिष्ट समेत पांच लोग हरीश रावत से मिले हैं, सोनिया से नहीं। बाकी तीन के नाम साफ नहीं हो पाए। कहा यह भी गया कि हाईकमान ने मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को तलब किया है।
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देर शाम मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के कार्यालय से बताया गया कि मुख्यमंत्री शुक्रवार को ओएनजीसी बोर्ड की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली जाएंगे और शाम को लौट आएंगे। बताया यह भी गया कि मुख्यमंत्री के आवास पर मंत्रियों और विधायकों की बैठक हुई। लेकिन राजस्व मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि वे दिन भर घर पर ही रहे।
इन सबके बीच शहरी विकास मंत्री और पीडीएफ के सदस्य प्रीतम पंवार के मुताबिक मंत्री प्रसाद नैथानी के साथ वे एक कार्यक्रम में मसूरी में थे। वहां से लौटे तो पीडीएफ के अन्य सदस्यों से बात जरूर हुई पर न तो मुख्यमंत्री से मिलना हुआ और न ही इस बारेमें पीडीएफ की कोई बातचीत हुई।
यह रही चर्चा
पांच विधायकों ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की है। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा का जाना तय हो गया है। अहमद पटेल, गुलाम नबी आजाद, प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी, जनार्द्धंन द्विवेदी की कमेटी दो दौर की बातचीत कर चुकी है। विधानसभा सत्र के बाद बदलाव होगा। हरीश रावत नए मुख्यमंत्री होंगे।
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हरीश रावत को मुख्यमंत्री बनने से रोकने के लिए बहुगुणा खेमा सक्रिय हो गया है। सतपाल महाराज को मुख्यमंत्री बनाने के लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है। एके मैखुरी, राजेंद्र भंडारी और जीतराम महाराज से मिले हैं। सीएम आवास पर बैठक हुई।
पड़ताल के बाद यह आया सामने
चर्चा करने वाले विधायकों के नाम पर चुप रहना बेहतर समझते रहे। अहमद पटेल की कमेटी के बारे में एक मंत्री का कहना था कि यह कमेटी सभी राज्यों में कांग्रेस की स्थिति का अध्ययन कर रही है। सीएम आवास पर किसी बैठक की पुष्टि नहीं हुई। हस्ताक्षर अभियान के बारे में भी किसी ने पुष्टि नहीं की।
महाराज से कुछ विधायक मिले जरूर पर इनका कहना है कि यह सामान्य शिष्टाचार के नाते हुई मुलाकात ही थी। उधर पीडीएफ भी बता रहा है कि न तो मुख्यमंत्री से कोई बात हुई और न ही आपस में कोई बात हुई। शहरी विकास मंत्री प्रीतम पंवार ने कहा कि वे दिन भर मसूरी में एक कार्यक्रम में व्यस्त रहे।

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