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फर्जी पासपोर्ट मामले में बालकृष्ण पर चलेगा मुकदमा
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 30 Oct 2013 08:11 PM IST
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बाबा रामदेव के सहयोगी और पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण पर सीबीआई की विशेष अदालत ने मंगलवार को फर्जी कागजातों के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने के मामले में आरोप तय कर दिए।
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अदालत ने कहा कि बालकृष्ण ने सहअभियुक्त नरेश चंद द्विवेदी के साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र के तहत दो शैक्षिक प्रमाण पत्र हासिल किए थे। इन फर्जी प्रमाण पत्रों को पासपोर्ट कार्यालय बरेली में जन्मतिथि के सबूत के रूप में दाखिल कर पासपोर्ट हासिल किया गया।
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फर्जी प्रमाण पत्र का असली इस्तेमाल
सीबीआई की विशेष अदालत ने मंगलवार को बालकृष्ण को आरोपी बताते हुए कहा कि उन्होंने वर्ष 1998 से पूर्व नरेश चंद द्विवेदी के साथ मिलकर दो शैक्षिक प्रमाण पत्र 21 मई वर्ष 1997 जिनमें रोल नंबर 101706 और रोल नंबर 6118 अंकित हैं। छल करने के उद्देश्य से फर्जीवाड़ा कर प्राप्त किए।इन फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों को असल के रूप में इस्तेमाल किया गया। जिसे पासपोर्ट कार्यालय बरेली में जन्म तिथि के सबूत के रूप में दाखिल कर पासपोर्ट हासिल किया।
पासपोर्ट एक्ट का उल्लघंन
दोनों फर्जी सर्टिफिकेटों को सह अभियुक्त नरेश चंद्र द्विवेदी द्वारा बनवाए गया। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट सीबीआई प्रीतु शर्मा ने कहा कि फर्जी सर्टिफिकेटों के आधार पर पासपोर्ट हासिल कर पासपोर्ट एक्ट 1967 की धारा 12 का उल्लंघन किया गया है। जो पासपोर्ट एक्ट 1967 की धारा 12 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।
इन धाराओं में किया आरोपित
अदालत ने मामले में पेश किए गए दस्तावेजों को देखते हुए आचार्य बालकृष्ण के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र), फर्जीवाड़ा (धारा 420), धारा 468 (धोखा-धड़ी के उद्देश्य से जालसाजी) धारा 471 (फर्जी प्रमाण पत्रों को असल दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करना) एवं पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12 का उल्लंघन करना।
दोनों पर अलग-अलग आरोप
अदालत ने बालकृष्ण और नरेश चंद द्विवेदी दोनो पर अलग-अलग आरोपित किया है। नरेश चंद द्विवेदी को आरोपित करते हुए अदालत ने कहा कि द्विवेदी ने अभियुक्त बालकृष्ण को पासपोर्ट कार्यालय बरेली से पासपोर्ट प्राप्त कराने के आशय से दो फर्जी सर्टिफिकेट दिए। इन प्रमाण पत्रों को षडयंत्र कर बनवाया गया।
दो से सात साल तक की हो सकती है कैद
वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक घिल्डियाल के मुताबिक आचार्य बालकृष्ण और सह अभियुक्त नरेश चंद द्विवेदी के खिलाफ यदि इन धाराओं में आरोप साबित होते हैं तो उन्हें दो साल से सात साल तक की कैद हो सकती है।

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