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छत्तीसगढ़: रमन सिंह ने लगाई हैट्रिक
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 08 Dec 2013 08:46 PM IST
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डा. रमन सिंह तीसरी बार छत्तीसगढ़ की कमान संभालने जा रहे हैं। 49 सीटों के साथ रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में जीत की है़ट्रिक बनाई है। कांग्रेस को फिर से एक बार निराशा मिली।
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कांग्रेस को 39 सीटें मिलीं हैं। चार राज्यों के चुनाव परिणामों में सबसे कड़ा संघर्ष छत्तीसगढ़ में ही देखने को मिला। 90 विधानसभा वाले इस राज्य में एक समय कांग्रेस 50 सीटों पर आगे निकल चुकी थी।
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दोपहर के बाद कांग्रेस और भाजपा में एक-एक सीट का संघर्ष देखने को मिला। कई बार दोनों ही पार्टियां 45-45 सीटों पर आगे दिखीं। कुछ सीटों पर कांग्रेस और भाजपा में बहुत ही करीबी मुकाबला देखने को मिला।
राज्य के हर हिस्से में दोनों ही पार्टियों में कड़ा संषर्ष रहा। दिलचस्प बात यह रही कि कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों के ही बड़े दिग्गज चुनाव हारे हैं।
कांग्रेस की ओर से यदि रविंद्र चौबे, अमितेष शुक्ला, शिव ढहेरिया जैसे बड़े चेहरे चुनाव हारे हैं तो वहीं भाजपा के पांच मंत्री चुनाव हार गए।
मंत्री जो जीते और जो हारे
छत्तीसगढ़ चुनाव परिणाम राज्य की सरकार के लिए मिले-जुले रहे। राज्य सरकार के कुछ मंत्री बड़े अंतर से जीते तो कुछ मंत्री चुनाव हार गए। हारने वाले मंत्रियों में लता उसेंडी, ननकी राम कंवर, राम विचार नेताम और चन्द्रशेखर साहू रहे।
बृजमोहन अग्रवाल हमेशा की तरह बड़ी जीत जीतने में सफल रहे। इसके अलावा राजेश मूढ़त और अमर अग्रवाल भी चुनाव जीतने वाले रहे।
वर्ष 2000 में राज्य के गठन के बाद विधानसभा का गठन अविभाजित मध्यप्रदेश के लिए वर्ष 1998 में चुने गए विधायकों से ही हो गया था। यानी तब चुनाव नहीं हुए। इसके बाद वर्ष 2003 और 2008 में चुनाव हुए।
तस्वीरों में देखिए आप कार्यकर्ताओं की खुशी
जब राज्य का गठन हुआ तब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी और कांग्रेस आलाकमान की ओर से अजीत जोगी पहले मुख्यमंत्री बनाए गए थे। उसके बाद वर्ष 2003 में जो पहले चुनाव हुए उसमें कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ा और भाजपा को सत्ता मिल गई।
हालांकि रमन सिंह उस समय प्रदेश के सबसे कद्दावर नेताओं में से नहीं थे, लेकिन राजनीतिक समीकरणों की वजह से वे मुख्यमंत्री बनाए गए। रमन सिंह ने वर्ष 2008 में भी पार्टी को एक बार फिर जीत दिलाई और अब वे तीसरे कार्यकाल के लिए चुनावी मैदान में हैं।