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Chandigarh News: आईओटी आधारित प्रणालियों के वास्तविक जीवन में इस्तेमाल को सिखाया
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चंडीगढ़। एमसीएम डीएवी कॉलेज के इंस्टीट्यूशंस इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) की ओर से इनोवेटिव आइडियाज़ एंड डेमोंस्ट्रेशन : ए हैंड्स ऑन वर्कशॉप विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में 51 छात्राओं ने भाग लिया। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को नवाचार और उभरती प्रौद्योगिकियों के व्यावहारिक अनुप्रयोगों से जोड़ना था।
पहले दिन अभियंता हरमेश लाल ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने आईओटी से जुड़े विद्युत उपकरणों के सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। इस सत्र से छात्राओं को आईओटी आधारित प्रणालियों के वास्तविक जीवन में उपयोग को समझने में सहायता मिली। दूसरे दिन पांच कार्यशील मॉडलों का लाइव प्रदर्शन किया गया।
इनमें लाइट सेंसर आधारित स्वचालित स्ट्रीट लाइटिंग प्रणाली, वायु गुणवत्ता निगरानी उपकरण, आईओटी आधारित प्रकाश एवं तापमान सेंसर, आईओटी आधारित उपकरण नियंत्रण प्रणाली और पासवर्ड आधारित प्रमाणीकरण प्रणाली शामिल थे। छात्राओं को हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे निर्माण और कोडिंग प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल हुईं।
अंतिम दिन इनोवेटिव आइडियाज प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें प्रतिभागियों ने अपने कार्यशील प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए और कोडिंग ढांचे व निर्माण प्रक्रिया की विस्तृत व्याख्या की। बेस्ट प्रेजेंटेशन और बेस्ट प्रोजेक्ट डेमोंस्ट्रेशन के लिए विजेताओं को सम्मानित किया गया। कार्यवाहक प्राचार्या श्रीमती नीना शर्मा ने छात्राओं की रचनात्मकता और नवाचारी सोच की सराहना की। उन्होंने विजेताओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए और आईआईसी की इस पहल को छात्राओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
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पहले दिन अभियंता हरमेश लाल ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने आईओटी से जुड़े विद्युत उपकरणों के सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। इस सत्र से छात्राओं को आईओटी आधारित प्रणालियों के वास्तविक जीवन में उपयोग को समझने में सहायता मिली। दूसरे दिन पांच कार्यशील मॉडलों का लाइव प्रदर्शन किया गया।
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इनमें लाइट सेंसर आधारित स्वचालित स्ट्रीट लाइटिंग प्रणाली, वायु गुणवत्ता निगरानी उपकरण, आईओटी आधारित प्रकाश एवं तापमान सेंसर, आईओटी आधारित उपकरण नियंत्रण प्रणाली और पासवर्ड आधारित प्रमाणीकरण प्रणाली शामिल थे। छात्राओं को हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे निर्माण और कोडिंग प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल हुईं।
अंतिम दिन इनोवेटिव आइडियाज प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें प्रतिभागियों ने अपने कार्यशील प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए और कोडिंग ढांचे व निर्माण प्रक्रिया की विस्तृत व्याख्या की। बेस्ट प्रेजेंटेशन और बेस्ट प्रोजेक्ट डेमोंस्ट्रेशन के लिए विजेताओं को सम्मानित किया गया। कार्यवाहक प्राचार्या श्रीमती नीना शर्मा ने छात्राओं की रचनात्मकता और नवाचारी सोच की सराहना की। उन्होंने विजेताओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए और आईआईसी की इस पहल को छात्राओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।