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एक साल से बंद पड़ा है यहां का ऑपरेशन थिएटर
रवि अटवाल
Updated Thu, 21 Nov 2013 02:40 PM IST
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सेक्टर-22 के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) को कई सालों से अपग्रेड करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन तमाम दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
यहां पिछले एक साल से ऑपरेशन थिएटर बंद पड़ा है। ऑपरेशन की तमाम सुविधाएं होने के बाद भी आई सर्जरी सेक्टर-16 जनरल अस्पताल में ही हो रही हैं।
वहीं, अब तो यहां आंखों की जांच ही पूरी तरह बंद हो गई है। यहां दो महीनों से आई ओपीडी पर ताला जड़ा हुआ है। हर रोज यहां 100 से ज्यादा मरीज आंखों की जांच के लिए पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ता है।
ये है वजह
यहां के आई सर्जन डॉ. संजय सिंगला का ट्रांसफर हो गया है। जबकि, ओटी उनके जाने से पहले से ही बंद है, लेकिन अब तो आई ओपीडी भी बंद हो गई।
डॉ. सिंगला को नगर निगम की यूटी सचिवालय स्थित डिस्पेंसरी में ट्रांसफर किया गया है। असल में सेक्टर-22 अस्पताल को मदर एंड चाइल्ड हेल्थ सेंटर (एमसीएच) बनाया जाना है।
इस वजह से बाकी विभाग शिफ्ट हो रहे हैं। लेकिन, अभी एमसीएच सेंटर नहीं बना। इस कारण अब दूसरी सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
नहीं हो रहे अल्ट्रासाउंड
गर्भवती महिलाओं के लिए यहां पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। दो महीने से यहां प्रेग्नेंसी अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। कई बार अधिकारियों को सूचित भी किया गया, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला।
अल्ट्रासाउंड का प्रिंटर खराब
अल्ट्रासाउंड का प्रिंटर खराब पड़ा है, जिस वजह से महिलाओं को सेक्टर-16 के जनरल अस्पताल में रेफर किया जाता है। वहां जाकर भी महिलाओं को दोबारा कार्ड बनवाकर 105 नंबर कमरे से अल्ट्रासाउंड की डेट लेनी पड़ती है। इसलिए ज्यादातर मरीज प्राइवेट ही अल्ट्रासाउंड करवाते हैं।
नहीं हो रहे एक्स-रे
यहां करीब 20 साल पुरानी एक्स-रे मशीन लगी हुई है जो लगभग कंडम होने की स्थिति में है। इसमें कुछ ही एक्स-रे हो रहे हैं, जबकि गले और किडनी के लिए होने वाले कंट्रास्ट एक्स-रे यहां नहीं हो रहे हैं।
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यहां पिछले एक साल से ऑपरेशन थिएटर बंद पड़ा है। ऑपरेशन की तमाम सुविधाएं होने के बाद भी आई सर्जरी सेक्टर-16 जनरल अस्पताल में ही हो रही हैं।
वहीं, अब तो यहां आंखों की जांच ही पूरी तरह बंद हो गई है। यहां दो महीनों से आई ओपीडी पर ताला जड़ा हुआ है। हर रोज यहां 100 से ज्यादा मरीज आंखों की जांच के लिए पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ता है।
ये है वजह
यहां के आई सर्जन डॉ. संजय सिंगला का ट्रांसफर हो गया है। जबकि, ओटी उनके जाने से पहले से ही बंद है, लेकिन अब तो आई ओपीडी भी बंद हो गई।
डॉ. सिंगला को नगर निगम की यूटी सचिवालय स्थित डिस्पेंसरी में ट्रांसफर किया गया है। असल में सेक्टर-22 अस्पताल को मदर एंड चाइल्ड हेल्थ सेंटर (एमसीएच) बनाया जाना है।
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इस वजह से बाकी विभाग शिफ्ट हो रहे हैं। लेकिन, अभी एमसीएच सेंटर नहीं बना। इस कारण अब दूसरी सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
नहीं हो रहे अल्ट्रासाउंड
गर्भवती महिलाओं के लिए यहां पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। दो महीने से यहां प्रेग्नेंसी अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। कई बार अधिकारियों को सूचित भी किया गया, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला।
अल्ट्रासाउंड का प्रिंटर खराब
अल्ट्रासाउंड का प्रिंटर खराब पड़ा है, जिस वजह से महिलाओं को सेक्टर-16 के जनरल अस्पताल में रेफर किया जाता है। वहां जाकर भी महिलाओं को दोबारा कार्ड बनवाकर 105 नंबर कमरे से अल्ट्रासाउंड की डेट लेनी पड़ती है। इसलिए ज्यादातर मरीज प्राइवेट ही अल्ट्रासाउंड करवाते हैं।
नहीं हो रहे एक्स-रे
यहां करीब 20 साल पुरानी एक्स-रे मशीन लगी हुई है जो लगभग कंडम होने की स्थिति में है। इसमें कुछ ही एक्स-रे हो रहे हैं, जबकि गले और किडनी के लिए होने वाले कंट्रास्ट एक्स-रे यहां नहीं हो रहे हैं।