Budget 2018: इंपोर्टड जूस, फोन, कॉस्मेटिक, डायमंड खरीदना हुआ महंगा, चीन को लगेगा झटका
गुरुवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए गए बजट प्रस्तावों के बाद अगली 1 अप्रैल से लागू होने वाले वित्त वर्ष 2018-19 कई वस्तुएं महंगी हो जाएंगी। इसमें ज्यादातर उन वस्तुओं पर टैक्स बढ़ जाएगा जो विदेश से इंपोर्ट होती हैं।
चीन को लगेगा झटका
देश के अंदर विशेषकर चीन से बहुत सारा सामान बिकने के लिए आता है, जो कि काफी सस्ता होता है। इन वस्तुओं का प्रयोग घटाने के लिए सरकार ने ऐसी वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी को काफी बढ़ा दिया है।
मेक इन इंडिया को मिलेगा बढ़ावा
सरकार के इस कदम से मेक इन इंडिया की मुहिम को बढ़ावा मिलने के आसार हैं। हालांकि जो लोग विदेश से आने वाले सामान का ज्यादा प्रयोग करते हैं, उनको झटका लगने की उम्मीद है। कस्टम ड्यूटी बढ़ाने से सरकार का मकसद है कि देशी कंपनियां अपना ज्यादा से ज्यादा तैयार सामान देश के लोगों को ही बेंचे और देशवासी उनको खरीदें भी।
हालांकि कई ऐसे उत्पाद हैं, जो भारत में बिलकुल भी नहीं बनते हैं और उनके पार्ट्स भी इंपोर्ट किए जाते हैं।
ये सामान हुआ महंगा
मोबाइल फोन, कार और मोटरसाइकिल, सिल्वर, सनग्लासेज, परफ्यूम, डिऑडरेंट, सनस्क्रीम, मैनीक्योर, पैडीक्योर उत्पाद, टॉयलेट स्प्रे, सिल्क फैब्रिक, ट्रक-बस के टायर, फुटवियर, डायमंड्स, रंगीन रत्न, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, सभी तरह की घड़ियां, एलसीडी/एलईडी पैनल, फर्नीचर, मैट्रेस, लैम्प्स, ट्राइसाइकिल, स्कूटर्स, पहिये वाले खिलौने, सिगरेट, लाइटर, मोमबत्तियां, पतंग, वेजीटेबल ऑयल, ओलिव ऑयल।
यह चीजें हुईं सस्ती
कच्चा काजू, सोलर टेम्पर्ड ग्लास, निकल, सोलर पैनल, मॉड्यूल वाले ग्लास, मेक इन इंडिया वॉटर प्यूरिफायर।
स्टैंडर्ड डिडक्शन में छूट देकर बाकी सुविधाएं छीनी
नौकरीपेशा वर्ग को राहत देने के लिए 40 हजार रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन का एलान तो किया, लेकिन 15 हजार रुपये तक का ट्रांसपोर्ट अलाउंस और 19,200 रुपये केे मेडिकल रीइंबर्समेंट की सुविधा छीन ली। इससे नौकरीपेशा वर्ग को सिर्फ 5,800 रुपये की टैक्स कटौती का फायदा मिला।