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Bihar: नबीनगर ताप विद्युत परियोजना बनेगी देश की दूसरी सबसे बड़ी बिजली परियोजना, 4380 मेगावाट उत्पादन का लक्ष्य

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद Published by: मगध ब्यूरो Updated Tue, 19 May 2026 10:46 PM IST
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सार
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औरंगाबाद के नबीनगर ताप विद्युत परियोजना का दूसरा चरण 2030 तक पूरा होगा। इसके बाद बिजली उत्पादन क्षमता 4380 मेगावाट पहुंच जाएगी और यह देश की दूसरी सबसे बड़ी ताप विद्युत परियोजना बन जाएगी। परियोजना से हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

Nabinagar Thermal Power Project Set to Become India’s Second Largest Power Plant with 4380 MW Capacity
नबीनगर परियोजना का विस्तार होगा - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

औरंगाबाद जिले के नबीनगर स्थित ताप विद्युत परियोजना का विस्तार कार्य तेजी से चल रहा है। परियोजना के दूसरे चरण के पूरा होने के बाद यह देश की दूसरी सबसे बड़ी ताप विद्युत परियोजना बनने जा रही है।

परियोजना प्रमुख एल.के. बेहेरा ने मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि दूसरे चरण के तहत 800-800 मेगावाट क्षमता वाली तीन नई इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें पहली इकाई से मार्च 2029 में बिजली उत्पादन शुरू होगा। इसके बाद सितंबर 2029 और मार्च 2030 में क्रमशः दूसरी और तीसरी इकाई से उत्पादन आरंभ किया जाएगा। इसके साथ ही परियोजना की कुल बिजली उत्पादन क्षमता 1980 मेगावाट से बढ़कर 4380 मेगावाट हो जाएगी।
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बिहार की बिजली जरूरतों का बड़ा हिस्सा पूरा कर रही परियोजना
परियोजना प्रमुख ने बताया कि वर्तमान में नबीनगर ताप विद्युत परियोजना बिहार को करीब 1600 मेगावाट बिजली उपलब्ध करा रही है। यह राज्य की कुल बिजली आवश्यकता का 25 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि बिहार में तेजी से बढ़ रहे औद्योगिक विकास और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए परियोजना का विस्तार किया जा रहा है। दूसरे चरण की तीनों इकाइयों से कुल 2400 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा, जिसमें से 1500 मेगावाट बिहार को मिलेगा।
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30 हजार करोड़ रुपये की लागत से हो रहा विस्तार
बताया गया कि दूसरे चरण के निर्माण पर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 मई 2025 को किया था। परियोजना का विस्तार पूरा होने के बाद यह पूर्वी भारत का सबसे बड़ा बिजली उत्पादन केंद्र बन जाएगा।

हजारों लोगों को मिल रहा रोजगार
परियोजना प्रमुख ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान और इसके पूरा होने के बाद करीब 4 से 5 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। इनमें 60 प्रतिशत से अधिक स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि तकनीकी और अभियंत्रण कार्यों में बिहार के अलावा अन्य राज्यों के लोग भी कार्यरत हैं।



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800 करोड़ रुपये का हुआ शुद्ध लाभ
वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान परियोजना को करीब 800 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। इसके अलावा परियोजना द्वारा झारखंड की कोयला खदानों से कोयला ढुलाई के लिए रेलवे को हर साल 400 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा रहा है। परियोजना ने पिछले वर्ष 12932 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन कर नया कीर्तिमान भी स्थापित किया।

सामाजिक विकास के लिए भी चल रही योजनाएं
एनटीपीसी लिमिटेड की ओर से सामाजिक दायित्व के तहत आसपास के ग्रामीण इलाकों में कई विकास योजनाएं चलाई जा रही हैं। ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
 
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