Rah Veer Scheme: सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करें, पाएं 25 हजार रुपये, दिल्ली में लागू हुई राह-वीर योजना
दिल्ली सरकार ने सड़क दुर्घटना के पीड़ितों की मदद करने के लिए लोगों को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। जिसमें गंभीर रूप से घायल लोगों की मदद करने के लिए आगे आने वालों को 25,000 रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा।
विस्तार
दिल्ली सरकार ने सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल लोगों की मदद के लिए आगे आने वालों को प्रोत्साहित करने हेतु एक नई योजना का एलान किया है। इस योजना के तहत, जो भी नागरिक दुर्घटना पीड़ित की मदद करेगा, उसे 25,000 रुपये की नकद राशि दी जाएगी।
इस योजना का नाम क्या है और यह किस पहल से जुड़ी है?
इस पहल को 'राह-वीर योजना' नाम दिया गया है। यह केंद्र सरकार की एक योजना का हिस्सा है, जिसे अब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लागू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आम लोगों को बिना डर या झिझक के सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए प्रेरित करना है।
योजना की घोषणा किसने की और क्या कहा गया?
इस योजना की घोषणा करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जो भी व्यक्ति किसी सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की मदद करेगा, उसे 25,000 रुपये की नकद राशि के साथ-साथ प्रशंसा पत्र भी दिया जाएगा।
क्या एक से अधिक लोगों की मदद करने पर इनाम बढ़ेगा?
नहीं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई व्यक्ति एक ही दुर्घटना में कई पीड़ितों की मदद करता है, तब भी उसे अधिकतम 25,000 रुपये की ही राशि दी जाएगी। इनाम की यह सीमा तय रखी गई है।
क्या उत्कृष्ट 'राह-वीर' को अतिरिक्त सम्मान भी मिलेगा?
हां। हर साल चुने गए 10 सबसे उत्कृष्ट 'राह-वीर' को केंद्र सरकार की ओर से 1 लाख रुपये का विशेष राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ उन्हें सम्मान प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा।
सरकार इस योजना से क्या हासिल करना चाहती है?
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस योजना का मुख्य लक्ष्य लोगों को "गोल्डन आवर" के दौरान दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए प्रेरित करना है।
सरकार का मानना है कि हादसे के तुरंत बाद अगर घायल व्यक्ति को समय पर मेडिकल इलाज मिल जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
मदद करना अब कानूनी जोखिम नहीं
राह-वीर योजना के जरिए दिल्ली सरकार न सिर्फ मानवीय संवेदनाओं को बढ़ावा देना चाहती है, बल्कि यह संदेश भी देना चाहती है कि सड़क दुर्घटना के समय मदद करना कानूनी जोखिम नहीं, बल्कि सम्मान और प्रोत्साहन का कारण बनेगा।