राष्ट्रपति ने दुश्मन सेना के कई यूनिट के सैन्य उपकरणों को भी नष्ट करने का दावा किया। मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखोरोवा ने कहा कि रूसी विदेशमंत्री सर्गेई लावरोव दोनों पक्षों के बीच संघर्ष विराम कराने के लिए गहन संपर्क कर रहे हैं और हालात को स्थिर करने के लिए बातचीत शुरू की है।
इस मामले में अजरबैजान के सहयोगी तुर्की में सत्तारूढ़ पार्टी के प्रवक्ता उमर सेलिक ने ट्वीट किया, 'हम अजरबैजान पर आर्मीनिया के हमले की कड़ी निंदा करते हैं। आर्मेनिया ने एक बार फिर उकसावे की कार्रवाई की है और कानूनों को नजर अंदाज किया है।' उन्होंने कहा कि तुर्की अजरबैजान के साथ खड़ा रहेगा। सेलिक ने चेतावनी देते हुए कहा, 'आर्मेनिया आग के साथ खेल रहा है और क्षेत्रीय शांति को खतरे में डाल रहा है।'
तुर्की के राष्ट्रपति के प्रवक्ता इब्राहिम कलीन ने ट्वीट किया, 'आर्मेनिया ने नागरिक इलाकों पर हमला कर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है...अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तुरंत इस खतरनाक उकसावे को बंद करने के लिए कहना चाहिए।' गौरतलब है कि अधिकतर पहाड़ी इलाके से घिरा नगोरनो-करबाख 4,400 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और आर्मीनिया की सीमा से करीब 50 किलोमीटर दूर है।
आर्मेनिया की सेना से समर्थन पाकर स्थानीय लोगों ने अजरबैजान के कुछ इलाकों पर भी कब्जा कर रखा है। वेटिकन में कैथोलिक धर्म के शीर्ष नेता पोप ने रविवार को कहा कि वह दोनों देशों के बीच शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। उन्होंने दोनों देशों से आह्वान किया कि वे सद्भावना और बंधुत्व के ठोस आधार पर संवाद के जरिये शांतिपूर्ण समाधान की पहल करें।