जल जीवन मिशन 2.0 के तहत जिला जल एवं सीवरेज मिशन की छठी बैठक सोमवार को लघु सचिवालय में अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पावरिया की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नई संचालन एवं रखरखाव नीति-2026 को लागू करने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से नई नीति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ग्रामीण पेयजल व्यवस्थाओं को पंचायतों को सौंपकर सरकारी-सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दे रही है। नीति का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की नियमित और गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसके तहत ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों को अधिक अधिकार दिए जाएंगे। एडीसी ने पंचायत एवं विकास विभाग को निर्देश दिए कि 15 जून तक संबंधित ग्राम पंचायतों की ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पारित करवाकर इंडियन बैंक में खाते खुलवाना सुनिश्चित किया जाए। वहीं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को पंचायतों के साथ एमओयू प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि पहले चरण में जिले की 40 ग्राम पंचायतों को योजना में शामिल किया जाएगा। नई नीति के तहत प्रत्येक 500 घरों पर स्वयं सहायता समूह की एक महिला को पेयजल प्रबंधन से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी दी जाएगी। पंचायतों की पांच सदस्यीय समितियां पेयजल आपूर्ति, पाइपलाइन मरम्मत, निगरानी तथा अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई का कार्य करेंगी। इस दौरान अधीक्षक अभियंता एस.पी. जोशी, कार्यकारी अभियंता अमित जैन, प्रदीप कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।