यूथ कांग्रेस की ओर से उत्तराखंड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए भेजी
गई राहत सामग्री का आंकड़ा छह दिन में ही बदल गया। इन छह दिनों में श्रीनगर
पहुंची करीब 28 ट्रक राहत सामग्री अचानक गायब हो गई।
यह सामग्री कहां चली गई, इसका जवाब न तो इस सामग्री के वितरण का जिम्मा उठा रहे यूथ कांग्रेस के स्वयंसेवकों के पास है और न ही बेस कैंप में संचालित कंट्रोल रूम के आंकड़ों में।
उत्तराखंड के आपदा प्रभावितों के लिए अखिल भारतीय युवक कांग्रेस कांग्रेस की ओर से 23 जून को दिल्ली से राहत सामग्री उत्तराखंड भेजी गई। राहत सामग्री के वितरण के लिए श्रीनगर को बेस कैंप बनाया गया। इस बेस कैंप में 24 से 26 जून की रात तक करीब 122 ट्रक राहत सामग्री पहुंच गई थी।
तब स्वयं बेस कैंप प्रभारी विकास उपाध्याय ने 112 ट्रक पहुंचने की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि जीजीआईसी में 40 ट्रक, कंट्रोल रूम के समीप भंडार गृह में 50 ट्रक तथा अदिति वेडिंग प्वाइंट, राजकीय पॉलीटेक्निक, अलकनंदा इन होटल आदि स्थानों पर करीब 22 ट्रक सामग्री उतार दी गई है।
अब छह दिनों बाद राहत सामग्री का आंकड़ा बदल गया है। मंगलवार को जब राहत सामग्री के संदर्भ में बेस कैंप के कंट्रोल रूम से जानकारी ली गई तो बताया गया कि श्रीनगर के सभी छह गोदामों में 84 ट्रक राहत सामग्री ही भेजी गई है। यहां से पैकेट तैयार कर आपदा प्रभावित इलाकों में भेजे जा रहे हैं।
लगभग 10 हजार पैकेट तैयार करके अगस्त्यमुनि, गुप्तकाशी, गंगानगर, उत्तरकाशी, जोशीमठ, थराली, पिथौरागढ़, नारायणबगड़ के लिए भेजे जा चुके हैं।