गोवर्धनमठ जगन्नाथ पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्छलानंद ने कहा कि कई देश कूट नीति के माध्यम से भारत को घेरना चाहते हैं। विदेशी ताकतों के सामने भारत को घुटने नहीं टेकने चाहिए। विश्व की समस्त समस्याओं का समाधान भारतीय संस्कृति और वेदों में छिपा हुआ है। धर्म और संस्कृति की बाजारवाद से दूर रखना चाहिए।
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्छलानंद मंगलवार को भूमा निकेतन में संतों और भक्तों को संबोधित कर रहे थे। भूमापीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने जगद्गुरु का अभिनंदन किया। स्वामी निश्छलानंद ने कहा कि वेद विहीन मान्यताओं के कारण भारत और पूरा देश दिशाहीन होता जा रहा है। जेएनयू में भारत विरोधी प्रचार को उन्होंने विदेशी साजिश बताया।
जगद्गुरु ने कहा कि केंद्र सरकार यदि पाकिस्तानी हिंदुओं की सुध ले रही है तो इसमें बुरा क्या है। विदेशी ताकतें नहीं चाहती कि भारत विकसित होकर उनसे आगे निकल जाए। किसी न किसी तरह भारत को पीछे धकेलने की साजिश चल रही है।
दुर्भाग्य से देश की भीतरी ताकतें ऐसी कोशिशों का साथ दे रही हैं। महामंडलेश्वर अर्जुन पुरी ने कहा कि धर्मसत्ता ने सदैव राजसत्ता का मार्ग दर्शन किया है। स्वामी निगमबोध तीर्थ ने हरिद्वार के घाटों पर जल कम होने पर चिंता जताई।