सफाई की हकीकत जानने के लिए गुरुवार को शहर की ‘सरकार’ सड़कों पर नजर आई। महापौर रामगोपाल मोहले, जिलाधिकारी विजय किरन आनंद और नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही बाइक से निकले। अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर वहां की सफाई व्यवस्था देखी। कहीं कूड़ा-कचरा तो कहीं मलबा फैला दिखा। सीवर-नाला जाम होने और झाड़ू न लगने की शिकायतें भी कदम-कदम पर सामने आईं। दो घंटे के निरीक्षण में ही नियमित साफ-सफाई के नगर निगम के दावों की पोल खुल गई। शहर के हालात पर डीएम ने नगर आयुक्त से रिपोर्ट तलब की है, साथ ही हिदायत दी है कि सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए। नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित कराई जाए।
सुबह 6:30 बजे नगर आयुक्त के साथ महापौर और जिलाधिकारी ने सबसे पहले नगर निगम के कार्यालय और स्टोर रूम का निरीक्षण किया। उसके बाद छोटी मलदहिया स्थित मलिन बस्ती पहुंचे। वहां सफाई व्यवस्था का जायजा लेने के बाद वे लहुराबीर होते हुए मैदागिन से कालभैरव मंदिर पहुंचे। वहां डीएम ने सफाई कर्मियों से सफाई निरीक्षक का नाम पूछा तो वे नहीं बता पाए। सफाई कर्र्मियों का कहना था कि सफाई इंस्पेक्टर की तैनाती अभी तीन दिन पहले ही हुई है। विशेश्वरगंज मंडी के पीछे जतनबर के समीप गली में कई दिनों से मलबा पड़े होने के बारे में जब डीएम ने पूछा तो निगम के अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पाए। इस पर डीएम ने कड़ी हिदायत दी। कहा कि सड़कों, गलियों में जहां भी कूड़ा-कचरा और मलबा फैला है वहां तत्काल साफ कराएं।
यहां के बाद महापौर और डीएम बाइक से आदमपुर और लाटभैरव पहुंचे और वहां सफाई का निरीक्षण किया। डीएम ने लाटभैरव के समीप नाले की सफाई समय से पूरा कराने की ताकीद की। यह भी कहा कि सफाई होने के बाद उसकी जांच के बाद ही ठेकेदार का भुगतान किया जाए। वहीं सरैया में सीवर और पेयजल की पाइप खराब होने पर संबंधित अवर और सहायक अभियंता से जवाब तलब करने का निर्देश दिया। सिगरा के दयानगर और लहरतारा मलिन बस्ती का भी जायजा लिया। वहां कंटेनर न रखे होने पर नाराजगी जताई। नागरिकों ने शिकायत की कि जल निकासी की व्यवस्था ठीक न होने से बरसाती पानी घरों में भर जाता है। इस पर डीएम ने बारिश से पहले इंतजाम दुरुस्त कराने की ताकीद की। कबीर मठ तालाब में नाली का पानी न गिरने पाए, इसके लिए तत्काल जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।