हेतम खां ने यहां तीन कोर्ट बनवाए था। जिसे पूर्वी, पश्चिमी और मध्य कोर्ट के नाम से जाना जाता है। ग्रामीणों के अनुसार एक बार किसी गांव से बरात भुलैनी कोर्ट देखने के लिए किले में गई थी। वहां आई पूरी बरात ही कोर्ट में खो गई थी। तब से उस किले के भूलैनी कोर्ट के नाम से भी जानते हैं।