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ढाई लाख परिवारों का गेहूं-चावल बंद

मुरादाबाद/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 24 Mar 2016 01:32 AM IST
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राशन
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मंडल में ढाई लाख परिवारों का गेहूं चावल बंद हो गया है। किसी को सूची में नाम गलत हो जाने के कारण खाद्यान्न नहीं मिल रहा है तो किसी परिवार में सदस्यों की संख्या ही कम कर दी गई। जनपदों में हल्ला मच रहा है। अब प्रशासन ने दोबारा फीडिंग कराने का फैसला किया है। जो परिवार छूट गए हैं या नाम गलत हो गया है उसे अब दुरुस्त कराया जाएगा।
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मुरादाबाद, बिजनौर और अमरोहा समेत प्रदेश के 28 जनपदों में 1 जनवरी से नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (एनएफएसए) लागू किया गया था। जबकि रामपुर और संभल में इसी महीने से ये एक्ट लागू किया गया है। इस के अंतर्गत मंडल भर में 19 लाख 85 हजार पात्र परिवार शामिल किए गए हैं।

एक लाख 29 हजार अंत्योदय कार्ड धारकों को भी इस योजना में जगह दी गई है। पात्र परिवारों को साढ़े तीन किलो गेहूं और डेढ़ किलो चावल प्रतिमाह दिया जा रहा है। लेकिन करीब ढाई लाख परिवार ऐसे हैं जो पात्रता की सूची में होने के बावजूद भी गेहूं और चावल से वंचित हैं। दरअसल इन लोगों के नाम ही गलत फीड हो गए हैं।
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अगर कोई नवाबपुरा का रहने वाला है तो उसका नाम नवीननगर की सूची में आ गया है। अब यह तय नहीं हो पा रहा है कि यह लोग किस डीलर से राशन लेंगे। यूनिट कम होने के मामले भी सबसे ज्यादा आ रहे हैं। मसलन अगर किसी परिवार में आठ मेंबर हैं तो राशन कार्ड में केवल पांच ही दर्ज हैं।

तीन मेंबर कम हो गए हैं। अब इन्हें जो खाद्यान्न मिल रहा है वह यूनिट के आधार पर ही दिया जा रहा है। इसे लेकर हर रोज राशन की दुकानों पर हल्ला मच रहा है। कई गांवों में तो राशन बवाल की वजह भी बन चुका है।
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