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मुख्य सचिव के आदेश को नहीं दी जा रही अहमियत

अमर उजाला ब्यूूराो ललितपुर Updated Mon, 21 Mar 2016 01:14 AM IST
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प्रश्‍ाासन - फोटो : demo pic
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ललितपुर। नगर पालिका पिछले कई वर्षों से कर्मचारियों की कमी से जूझ रही है। विभिन्न योजनाओं के सत्यापन के जिम्मेदारी भी पालिका कर्मियों को सौंप दी गई है। जबकि, मुख्य सचिव के आदेश हैं कि पालिका कार्य के अलावा अन्य कार्य नहीं किए जाएं।
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नगर में मूलभूत सुविधाओं जैसे सड़क, सफाई, मार्ग प्रकाश, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, गृहकर, दुकानों का किराया की वसूली आदि महत्वपूर्ण कार्य नगर पालिका के जिम्मेे हैं। नगर पालिका में 45 पद सृजित हैं। यह पद वर्षों पहले के सृजित हैं, जबकि कार्य लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके बाद भी कर्मचारी छह कम हैं। विभाग में तैनात प्रथम व द्वितीय श्रेणी के कुल लिपिकों की संख्या 15 है, 26 वार्ड में सफाई व्यवस्था देखने के लिए 5 स्थायी स्वास्थ्य नायक हैं, कार्यालय में 7 मु़हर्रिर व 12 परिसेवक तैनात हैं। ऐसी स्थिति में लगभग सभी लिपिक व कर्मचारियों पर अपने पटल से अतिरिक्त अन्य कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति की ओर है। ऐसे में कर करेत्तर व अन्य वसूली का लक्ष्य पूरा करने में पूरा विभाग व्यस्त है। लेकिन, इसके बाद भी अन्य विभागों ने नगर क्षेत्र से संबंधित विभिन्न योजनाओं के भौतिक सत्यापन कर कार्य सौंप दिया है। ऐसे में पालिका कर्मी न तो विभागीय काम सही तरीके से कर पा रहे हैं और न ही अन्य विभागों द्वारा दिया गया सत्यापन का कार्य।

स्वास्थ्य नायकों के पास सबसे अधिक कार्य
नगर पालिका की सबसे बड़ी व महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नगर में प्रत्येक दिन सफाई व्यवस्था बनाए रखना। इसके लिए स्वास्थ्य नायकों को नियुक्त किया गया है। शहर के 26 वार्डों से सापेक्ष स्वास्थ्य नायक के कुल नौ पद सृजित हैं, इनमें भी 5 स्थाई स्वास्थ्य नायक तैनात हैं। वर्तमान में स्वास्थ्य नायकों पर अतिरिक्त कार्यों का बोझ डाल दिया गया है। सफाई के साथ उनको अपने क्षेत्र से संबंधित जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के भौतिक सत्यापन, स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्मित हो रहे घरेलू शौचालयों के आवेदन पत्रों का घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन, विधवा पेंशन/ पति की मृत्यु उपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजनांतर्गत नवीन व पुराने लाभार्थियों के भौतिक सत्यापन का कार्य करके आधार कार्ड की छायाप्रति, मोबाइल नंबर, फोटो व बैंक के खाते की पास बुक की छायाप्रति उपलब्ध कराने का कार्य, समाजवादी पेंशन के भौतिक सत्यापन का कार्य, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत हजारों आवेदनों के भौतिक सत्यापन का कार्य व अन्य कार्य कराए जा रहे हैं।
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अंग्रेजी पढ़ना नहीं आता
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने नगर पालिका में तैनात स्वास्थ्य नायकों को 28 जनवरी को पत्र जारी करके इंदिरा गांधी विधवा पेंशन/पति की मृत्यु के उपरांत निराश्रित महिला पेंशन  योजनांतर्गत नवीन व पुराने लाभार्थियों के भौतिक सत्यापन का कार्य करके आधार कार्ड की छायाप्रति, मोबाइल नंबर, फोटो व बैंक के खाते की पास बुक की छायाप्रति उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी थी। सत्यापन कराने के लिए विभाग द्वारा आवेदकों की जो सूची स्वास्थ्य नायकों को सौंपी गई है, वह अंग्रेजी में है। जबकि, स्वास्थ्य नायकों को अंग्रेजी का ज्ञान नहीं है। इस कारण अभी तक सत्यापन का कार्य नहीं हो पाया है। इस संबंध में नगर पालिका अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार ने 29 फरवरी को  जिला प्रोबेशन अधिकारी को पत्र भेजकर समस्या से अवगत कराते हुए हिंदी भाषा  में लिखी सूची मांगी थी। लेकिन, सूची नहीं मिली और स्वास्थ्य नायकों से  कार्य कराया जा रहा है।

इन योजनाओं की है जिम्मेदारी
नगर पालिका के दैनिक महत्वपूर्ण कार्य सड़कों की मरम्मत, साफ-सफाई, मार्ग प्रकाश की व्यवस्था, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, कर करेत्तर व राजस्व वसूली के साथ-साथ नगर पालिका अधिकारी व कर्मियों से हैंडपंप की वर्तमान स्थिति की जानकारी का कार्य, स्वच्छ भारत मिशन के तहत घरेलू शौचालय का कार्य, राष्ट्रीय जनगणना- 2011 का पुनर्निरीक्षण का कार्य और अन्य विभाग से संबंधित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, वृद्घापेंशन, विधवा पेंशन, समाजवादी पेंशन, विकलांक पेंशन आदि योजनाओं के तहत आवेदनों का भौतिक सत्यापन का कार्य कराया जा रहा है।

मुख्य सचिव के आदेशों की हो रही अनदेखी
शहर के नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं की समस्या नहीं हो, इसके लिए नगर पालिका का गठन  किया गया है। लेकिन, पालिका कर्मचारी अन्य विभागीय योजनाओं के सत्यापन कार्य की व्यस्तता के कारण अपना मूल कार्य सही तरीके से नहीं कर पा रहे हैं। इस सबंध में प्रदेश के मुख्य संचिव आलोक रंजन ने पूर्व में पत्र जारी कर मंडलायुक्त व जिलाधिकारियों को निर्देश दिए थे कि नगर निकायों के अधिकारियों और कर्मियों को अतिरिक्त कार्यों से स्वतंत्र रखा जाए। लेकिन, वर्तमान में नगर पालिका की स्थिति को देखकर ऐसा लग रहा है कि मुख्य सचिव के आदेशों की अनदेखी की जा रही है।

 अतिरिक्त कार्य से नगर पालिका के रुटीन कार्य पर प्रभाव तो पड़ रहा है, लेकिन उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना नहीं की जा सकती है।  
- राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी
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