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यहां बेखौफ हैं माफिया, 'सुशासन' को ठेंगा दिखा रहा है ''खनन का काला खेल''

क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 05 Aug 2018 09:18 PM IST
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लाखों घन मीटर अवैध बालू डंप - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के उन्नाव जिले में खनन माफियाओं का काला खेल बेखौफ जारी है। अवैध खनन कर डंप की गई लाखों घन मीटर बालू को लेकर खनन विभाग अनजान बना हुआ है। मामला चर्चा में आने पर अफसर अब टास्क फोर्स बनाकर सभी तहसीलों में अभियान चलाने की बात कह रहे हैं।
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 गंगा नदी से सटी बांगरमऊ, सफीपुर, सदर और बीघापुर तहसील क्षेत्र में बालू का अवैध खनन कर इसे बड़े पैमाने पर डंप किया गया है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बालू के बड़े-बड़े टीले खड़े दिखाई देते हैं। पर खनन विभाग इन डंपिंग स्टेशनों पर जमा अवैध बालू की अनदेखी कर रहा है।

कई जगहों पर वैध डंप में भी कुछ ने स्वीकृति से अधिक डंप कर रखा है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की ओर से जांच शुरू होने के बाद खनन विभाग को पोल खुलने का खतरा नजर आने लगा है। सूत्रों के मुताबिक, बालू खनन माफिया खनन विभाग से मिलीभगत कर अपने मंसूबों को अंजाम दे रहे हैं।
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जिला खनन ने बताया - जिले में कुल 1.40 लाख घन मीटर बालू डंप है

लाखों घन मीटर अवैध बालू डंप - फोटो : अमर उजाला
अवैध खनन कराने वाले माफियाओं ने जंगलों और खेतों में लाखों घन मीटर बालू जमा कर रखी है। माफियाओं और विभाग की मिलीभगत की नतीजा है कि भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग को उन्नाव जिले से खनिज डंप की सूचना नहीं भेजी गई। जिला खनन अधिकारी पीके सिंह ने बताया कि जिले में कुल 1.40 लाख घन मीटर बालू डंप है।

बीघापुर के ऊंचगांव में गोपाल पांडेय ने 80 हजार घन मीटर, ऊंचगांव में ही मनीष पांडेय का 20 हजार घन मीटर, करनईपुर में रामकिशोर ने 20 हजार घन मीटर और सफीपुर के रायपुर में एके इंटर प्राइजेज ने भी 20 हजार घन मीटर बालू डंप की स्वीकृति ली है।

खनन अधिकारी ने बताया कि अगर कोई जंगल या खेतों में अवैध डंप लगा लेता है तो उनकी जानकारी नहीं हो पाती। उन्होंने बताया कि सभी तहसीलों में राजस्व और खनन विभाग की संयुक्त टीमें बनाकर अवैध बालू भंडारण की तलाश की जाएगी। जहां भी अवैध खनन या भंडारण मिला तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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