भाजपा के वरिष्ठ नेता व प्रदेश के पूर्व बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री रवींद्र शुक्ल पर बृहस्पतिवार को सराफा बाजार में जमीनी विवाद को तेजाब से हमला कर दिया गया। पूर्व मंत्री व उनके गनर समेत आधा दर्जन लोग मामूली झुलस गए।
घटना के बाद बाजार में अफरा तफरी मच गई। खबर लगने पर कोतवाली पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया। थाने में ही मंत्री समेत सभी झुलसे हुए लोगों को उपचार उपलब्ध कराया गया। देर रात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
चंदा होटल के पास सिविल लाइन निवासी पूर्व मंत्री राज्य रवींद्र शुक्ल ने सराफा बाजार स्थित दीक्षित बाग की एक बेहद संकरी गली में एक प्लाट की रजिस्ट्री कुछ माह पहले कराई थी। इस जमीन पर विपक्षी भी अपना दावा कर रहे हैं।
हाईकोर्ट से मुकदमा जीतने के तीन माह बाद बृहस्पतिवार को पूर्व मंत्री इस प्लाट पर निर्माण शुरू करने गए थे। वह सुबह से ही अपने पुत्र निशांत, गनर महिपत सिंह, ड्राइवर अजय सिंह परमार निवासी चंदा होटल के पास, दूसरा ड्राइवर विवेक यादव, बीकेडी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ महामंत्री नितिन वाजपेयी, आईटीआई सिद्धेश्वर नगर निवासी राजेश भट्ट प्लाट पर बैठे हुए थे।
शाम चार बजे जब वह सभी उठकर मुख्य सड़क की तरफ आ रहे थे, तभी विपक्षी पानी वाली धर्मशाला निवासी राजू पटैरिया ने चार अन्य लोगों के साथ पूर्व राज्य मंत्री पर हमला कर दिया। हमलावर पूर्व मंत्री से गाली गलौज करने लगे। राजू ने पूर्व मंत्री के निकट आकर उनके सिर पर कांच की बोतल में भरे तेजाब को उड़ेलने का प्रयास किया, मगर तभी गनर ने बोतल में हाथ मार दिया, जिससे तेजाब पूर्व मंत्री के दाहिने पैर के घुटने के नीचे व निशांत को छोड़कर अन्य सभी लोगों के शरीर के अलग- अलग हिस्सों पर आकर गिरा।
तेजाब गिरते ही सभी लोगों के शरीर में जलन शुरू हो गई। हमलावरों ने हाथापाई का प्रयास किया, पर गनर की बहादुरी के कारण हमलावरों को भागने के लिए मजबूर होना पड़ा। जाते- जाते हमलावर टकसाल रोड पर खड़ी पूर्व मंत्री की स्कार्पियो गाड़ी नंबर यूपी 93 ए एम 1211 के कांच भी क्षतिग्रस्त कर गए। घटना से मौके पर दुकानदारों में अफरा- तफरी मच गई। कुछ ने अपनी दुकानें भी बंद कर लीं।
हमले के बाद पूर्व मंत्री अपने सभी झुलसे हुए साथियों के साथ कोतवाली पहुंच गए। इधर, खबर लगते ही थाने में भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लग गया तथा वे नारेबाजी कर हंगामा करने लगे। थोड़ी ही देर में एसएसपी मनोज तिवारी, नगर मजिस्ट्रेट आर पी मिश्रा, एसपी देहात दिनेश सिंह कोतवाली पहुंच गए। जिला अस्पताल से चिकित्सक बुलाकर पूर्व मंत्री व सभी झुलसे हुए लोगों का कोतवाली में ही उपचार कराया गया। वहीं, एसएसपी ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं।
यह है विवाद का कारण
सराफा बाजार के दीक्षित बाग की एक बेहद संकरी गली में पूर्व मंत्री की 657 फुट जमीन पड़ी है। इस जमीन के मालिक पहले बाबूलाल थे। वर्षों से इस जमीन पर बाबूलाल का किराएदार मन्नू लाल पुत्र दुल्ले झोपड़ पट्टी बनाकर रह रहा था। तीन साल पहले पूर्व मंत्री ने बाबूलाल से इस जमीन का एग्रीमेंट कराया लिया था। इधर, किराएदार मन्नू लाल ने यह जमीन राजू पटैरिया को बेच दी। इसके बाद दोनों पक्ष कोर्ट में चले गए।
कोर्ट से बाबूलाल मुकदमा जीत गए। इसके बाद पूर्व मंत्री ने बाबूलाल से उक्त प्लाट की रजिस्ट्री करा ली। निर्णय के खिलाफ राजू पटैरिया हाईकोर्ट से स्टे ले आए, पर विगत ग्यारह जनवरी को हाईकोर्ट ने स्टे को खारिज कर दिया। चूंकि, इसके बाद पूर्व मंत्री की धर्मपत्नी का देहांत हो गया, इस कारण वह निर्माण कार्य शुरू नहीं कर सके। गुरुवार को उन्होंने निर्माण कार्य शुरू कराया और परिणाम स्वरूप यह घटना हो गई। मालूम हो कि, सराफ बाजार में एक फुट जमीन की कीमत एक लाख रुपये तक है।
दो दिन पहले ही स्थानांतरण होकर आया है गनर
पूर्व मंत्री रवींद्र शुक्ल का सरकारी गनर महिपत सिंह बांदा जनपद के तिंदवारी का रहना वाला है। इसके पूर्व वह प्रतापगढ़ में तैनात था। दो दिन पूर्व ही वह प्रतापगढ़ से स्थानांतरित होकर झांसी आया है।
चौकी प्रभारी लाइन हाजिर
इस प्रकरण में एसएसपी मनोज तिवारी ने प्रथम दृष्टया खंडेराव गेट चौकी प्रभारी सी पी द्विवेदी की लापरवाही मानी है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया, साथ ही पूर्व मंत्री को बहादुरी से बचाने वाले गनर महिपत सिंह को पांच हजार रुपये इनाम देने की संस्तुति की है। उन्होंने आरोपियों को पकड़ने के लिए दो टीमों का गठन कर दिया है।
पूर्व मंत्री का यह है कहना
पूर्व मंत्री रवींद्र शुक्ल का कहना है कि विपक्षियों का हाईकोर्ट से स्टे खारिज होने के बाद ही उन्होंने निर्माण कराने का फैसला लिया था। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले उन्होंने डीएम व एसएसपी को स्थिति से अवगत करा दिया था। अधिकारियों की स्वीकृति के बाद ही उन्होंने कार्य शुरू किया।
हालांकि, खंडेराव गेट चौकी प्रभारी विपक्षियों से मिलकर बार- बार उन पर समझौते के लिए दबाव बना रहे थे। इस मामले में चौकी प्रभारी को पूर्व में भी लाइन हाजिर किया जा चुका है। पर, इसके बाद भी चौकी प्रभारी का दखल जारी था। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी राजू पटैरिया सराफा व्यापारी राजू कमरया के यहां काम करता है। राजू कमरया की शह पर ही उन पर हमला किया गया।
कोतवाली में पहुंचे प्रमुख भाजपाई
कोतवाली में महापौर किरण वर्मा, पूर्व उपसभापति मानवेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष संजय दुबे, पूर्व जिलाध्यक्ष अरिदमन सिंह, किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश मंत्री चंद्रप्रकाश मिश्रा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप सरावगी, जगदीश प्रसाद साहू, रानू देवलिया, रवींद्र वर्मा, अमित साहू, अमित चिरवारिया, दिगंत चतुर्वेदी मौजूद रहे।
कोतवाल को हटाने को दिया धरना
भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता पूर्व मंत्री रवींद्र शुक्ल के नेतृत्व में देर रात तक कोतवाल को हटाने व राजू कमरया की गिरफ्तारी की मांग को लेकर देर रात तक कोतवाली परिसर में धरने में बैठे रहे। मालूम हो कि, कोतवाल जे पी यादव पिछले दो दिन से कोर्ट में साक्ष्य देने के लिए बाहर गए हुए हैं। उनकी जगह एसएसआई मनोज कुमार वर्मा चार्ज देख रहे हैं। रात नौ बजे एसपी ग्रामीण दिनेश सिंह द्वारा चौबीस घंटे में आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन देने पर धरना समाप्त कर दिया गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
कोतवाली पुलिस ने राजू पटैरिया, बबलू पटैरिया, आकाश पटैरिया, राजू कमरया व राजू कमरया के दो नौकरों के खिलाफ धारा 147,148,149,326 ए,332,353,504,506,120 बी व 7 क्रिमिनल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।