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गंगा तलहटी में बनेगी नर्सरी, हर साल तैयार होंगे 25 हजार पौधे

गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jun 2022 10:15 PM IST
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गंगा तलहटी में बनेगी नर्सरी, हर साल तैयार होंगे 25 हजार पौधे
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हापुड़। फलदार पौधों की नर्सरी तैयार करने में हापुड़ का नाम प्रदेश के पटल पर दिखेगा। गंगा तलहटी में हाईब्रिड नर्सरी को शासन ने मंजूरी दे दी है। एक हेक्टेयर रकबे में पौधशाला तैयार होगी, जिसमें हर साल 25 हजार पौधे तैयार होंगे। नमामि गंगे योजना के तहत आवेदक को प्रोजेक्ट लगाने पर 50 फीसदी अनुदान मिलेगा। कृषि वैज्ञानिक उच्च कोटि की पौध तैयार कराएंगे।
हापुड़ में फलदार पौधों की कोई खास नर्सरी नहीं है। जबकि यहां बागवानी करीब 35 हजार हेक्टेयर रकबे में होती है। अच्छी गुणवत्ता के पौधे लाने के लिए किसानों को दूसरे जिलों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। लेकिन अब इस समस्या से राहत मिल जाएगी। गंगा के तटवर्ती इलाकों में नमामी गंगे योजना लागू की गई है, इसके तहत इन इलाकों को हरा भरा बनाना है जो पौधरोपण से ही संभव है।
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यहां के 15 गांवों में 150 हेक्टेयर रकबे में पिछले साल फलदार पौधों की बागवानी भी लगवाई गई है। जिसके लिए पौधे बाहर से मंगवाने पड़े थे। लेकिन अब किसानों को राहत मिलने जा रही है। शासन ने उद्यान विभाग के प्रस्ताव पर गढ़ क्षेत्र में नर्सरी को मंजूरी दे दी है।
पौधशाला एक हेक्टेयर रकबे में तैयार होगी, जिस पर लागत करीब 15 लाख रुपये आएगी। शासन ने इस लागत का 50 फीसदी या अधिकतम 7.50 लाख रुपये अनुदान के रूप में मुहैया कराने का निर्णय लिया है। ऐसे में किसान को अपनी जेब से आधे पैसे ही लगाने होंगे।
ये पौध होगी तैयार
नर्सरी में अमरूद, आम, आंवला, नींबू, बेर, बेल, अनार, मौसमी, कठल, लीची, पपीता, किन्नू, अनासपाती, आड़ू, चीकू, जामुन की पौध तैयार होगी।
प्रथम आवक प्रथम पावक के आधार पर मिलेगा लाभ
शासन ने सिर्फ एक नर्सरी को मंजूरी दी है, जिसे लेने के लिए प्रथम आवक प्रथम पावक के आधार पर ही चयन होगा। उद्यान विभाग में नर्सरी को लेकर आवेदन किया जा सकता है।
कोट -
पौधशाला तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। किसान आवेदन कर अपने खेत में पौधशाला तैयार करा सकते हैं। इस पर किसान को 50 फीसदी अनुदान भी मुहैया कराया जाएगा।--एसके शर्मा, उद्यान निरीक्षक।
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