ऑपरेशन के नाम पर 40 हजार रुपये की वसूली
मरीज के तीमारदार मोहित ने बताया कि पित्त की थैली के ऑपरेशन के लिए उनसे 40 हजार रुपये वसूले गए। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि इस रकम के बदले निजी अस्पताल जैसा बेहतर उपचार मिलेगा। यह रकम दो किस्तों में ली गई, पहले 12 हजार रुपये और फिर 28 हजार रुपये। मोहित का कहना है कि इतनी बड़ी रकम लेने के बावजूद इलाज ठीक से नहीं किया गया। इसके अलावा, कई दवाएं भी बाहर से खरीदने के लिए लिखी गईं।
परिजनों का हंगामा और जांच की मांग
मरीज की बिगड़ती हालत और इलाज में लापरवाही से आक्रोशित परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में जमकर हंगामा किया। उन्होंने कॉलेज परिसर में धरना प्रदर्शन भी शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण मरीज की जान खतरे में पड़ गई है। वे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, कॉलेज के अधिकारी मामले की जांच-पड़ताल में जुटे हुए हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरूण कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, सीएमएस को मौके पर भेजा। सीएमएस मामले का निस्तारण करा रहे हैं। मरीज को न्याय और उचित उपचार मिलेगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।