बांदा। मंडल मुख्यालय समेत नगरीय क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहे ई-रिक्शों और सड़कोें पर इनकी धमाचौकड़ी से जोखिम भरी हो गई ट्रैफिक व्यवस्था पर शायद अब लगाम लगे। आरटीओ विभाग में 31 मार्च तक हरेक ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन और बीमा कराया जाना अनिवार्य है। इसके बाद 15 हजार रुपये जुर्माना होगा। ओवरलोडिंग पर प्रति सवारी 1000 रुपये वसूले जाएंगे।
जिले में ई-रिक्शा दो हजार के करीब हैं। नाबालिग, अप्रशिक्षित तथा बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाले बेखौफ होकर इन्हें सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। इससे दुर्घटनाओं के साथ ट्रैफिक व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी की गई अधिसूचना के बाद अब इस पर अमल शुरू हो गया है। प्रदेश के परिवहन आयुक्त ने आरटीओ को आदेश और दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
एआरटीओ (प्रशासन) वीरेंद्र सिंह ने बताया कि अन्य वाहनों की तरह ई-रिक्शा और ई-कार्ट का भी रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, ड्राइविंग लाइसेंस और परमिट बनेंगे। ई-रिक्शे का दो वर्ष का टैक्स 4800 रुपये और रजिस्ट्रेशन शुक्ल 300 रुपये लगेगा। ड्राइवर के अलावा चार सवार का परमिट होगा। चालक के पास कम से कम लर्निंग मोटर व्हीकल (एलएमवी) का लाइसेंस होना जरूरी है। एआरटीओ ने बताया कि 31 मार्च तक रजिस्ट्रेशन न कराने पर पहली अप्रैल से चेकिंग शुरू हो जाएगी। रजिस्ट्रेशन के सभी अभिलेख दुरुस्त नहीं पाए गए तो जुर्माना होगा। एआरटीओ ने यह भी बताया कि ई-रिक्शा बेंचने को वही अधिकृत हैं जिनके पास भारत सरकार का ट्रेड सर्टिफिकेट हों। उनसे ही खरीदे गए ई-रिक्शों का रजिस्ट्रेशन होगा।
नगरों में चलने वाले ई-रिक्शों पर ही नियम लागू
बांदा। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) वीरेंद्र सिंह ने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में चलने वाले ई-रिक्शों पर ही यह नियम लागू होंगे। साथ ही इसका लाइसेंस जारी करने के लिए एक वर्ष पुराना हल्के वाहन का लाइसेंस होने की शर्त नहीं है। ई-रिक्शा यद्यपि परिवहनयान में आते हैं, फिर भी इन्हें चलाने के लिए लाइसेंस के लिए पूर्व से एलएमवी का लाइसेंस होने की अनिवार्यता नहीं है।