बहराइच। सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर चल रहे सालाना उर्स में शुक्रवार को कुलशरीफ का आयोजन हुआ। इस दौरान गाजी की मजार को गुलाब के फूलों से सजाया गया।
कुरानख्वानी के साथ लोगों ने अमन-चैन की दुआ मांगी। विभिन्न अंचलों से आए अकीदतमंदों ने गाजी की दरगाह पर हाजिरी लगाई।
कुरानख्वानी व कुरआन की तिलावत से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। गोंडा, बराबंकी, लखनऊ, नेपाल, सिद्धार्थनगर, बस्ती, गोरखपुर, श्रावस्ती, बलरामपुर, आजमगढ़, देवरिया, लखीमपुर, सीतापुर से भारी तादाद में अकीदतमंद उर्स में शामिल होने के लिए पहुंचे।
जंजीरी गेट चूमते हुए अकीदतमंद गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए नाल दरवाजे पहुंचे। यहां सभी ने परंपरागत तरीके से पारा पढ़ते हुए अमन-चैन के लिए दुआ मांगी। इसके बाद नात मनकबत पेश करते हुए उलेमाओं ने तकरीर की।
लगभग तीन घंटे तक कुलशरीफ का कार्यक्रम चला। इस दौरान गाजी की दरगाह पर हाजिरी लगाने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ता रहा।
दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष सैयद शमशाद अहमद ने बताया कि लगभग 2.5 लाख जायरीन दरगाह पहुंचे हैं। कुलशरीफ कार्यक्रम के बाद लंगर का आयोजन हुआ, जिसमें सभी अकीदतमंद शामिल हुए।
कुलशरीफ में बरेली, बाराबंकी और लखनऊ से पहुंचे मौलानाओं ने भी शिरकत की। इस मौके पर बच्चे भारती, गिरदावर अजमतउल्ला, मो. वसीम मेकरानी, बकाउल्ला, नूर आलम, दिलसाद, ओएसडी खुर्शीद अनवर रिजवी तथा मदरसों के मौलाना व छात्र भी मौजूद रहे।
राज्यमंत्री ने भी शिरकत : उर्स के कुलशरीफ कार्यक्रम में शुक्रवार को प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री यासर शाह ने भी शिरकत कर अमन चैन की दुआ मांगी। इस मौके पर उन्होंने गाजी की मजार पर जियारत भी की।
शरबत के स्टॉल लगाकर की सेवा : नगर पालिका परिषद अध्यक्ष हाजी रेहान खां व समाजसेवी अब्दुल जीशान की ओर से दरगाह शरीफ में आयोजित कुलशरीफ कार्यक्रम में आने वाले अकीदतमंदाें की सेवा के लिए शरबत का स्टॉल लगाया गया। चिलचिलाती धूप के बीच जियारत के लिए पहुंचे अकीदतमंदों ने शरबत पीकर सुकून महसूस किया।