बागपत। बागपत विधानसभा सीट पर 25 साल तक विधायक रहने वाले नवाब कोकब हमीद अब अपने बेटे अहमद हमीद को बागपत विधानसभा सीट पर चुनावी सफर की शुरुआत करा रहे हैं। सिवाल खास सीट छोड़कर अहमद हमीद ने बागपत विधानसभा सीट पर अपनी तैयारी शुरू कर दी है। उनके टिकट की विधिवत घोषणा 10 अप्रैल को होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पांच बार बागपत विधानसभा की सीट जीतकर प्रतिद्वंद्वियों के लिए पहेली बन चुके नवाब कोकब हमीद को पिछली योजना में हार मिली तो वे टूट गए। बीमारी ने उनके शरीर को काफी कमजोर कर दिया। इसके चलते इस बार उन्होंने चुनावी समर में उतरने से ही इंकार कर दिया। अंतर सिर्फ इतना है कि इस बार रालोद की बजाय बसपा ने उन्हें मौका देना चाहा, लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया और अपने बेटे अहमद हमीद को चुनावी मैदान में उतारने का निर्णय लिया।
पहले तो बसपा ने अहमद को सिवाल खास से लड़ाने की घोषणा कर दी। उन्होंने वहां पर लोगों को जोड़ना भी शुरू कर दिया, लेकिन जब बागपत सीट पर नवाब कोकब हमीद ने इंकार किया तो बसपा ने उनके बेटे अहमद हमीद को बागपत से ही टिकट देने का निर्णय लिया।
अहमद हमीद बताते हैं कि बागपम विधानसभा उनके पिता की कर्मभूमि रही है। सभी लोग उन्हें बागपत से विधायक देखना चाहते हैं। यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें यहां मौका मिला है।
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन मायावती ने ही उन्हें बागपत सीट से लड़ने के निर्देश दिए हैं। इसलिए उन्होंने यहां पर तैयारी शुरू कर दी है। सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेना शुरू कर दिया है और लोगों के साथ बैठकें भी शुरू कर दी हैं। बसपा के जिलाध्यक्ष जय कुमार जाटव ने बताया नवाब कोकब हमीद के बेटे अहमद हमीद को बसपा ने बागपत विधानसभा से उतारने का निर्णय लिया है। 10 अप्रैल को बागपत में होने वाले बसपा के कार्यक्रम में विधिवत रूप से इसकी घोषणा कर दी जाएगी।