शिमला के नारकंडा में लगे नेचर कैंप के एक हट पर देर रात आए तूफान से पेड़ गिर गया।
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राजधानी शिमला से करीब 65 किलोमीटर दूर प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नारकंडा में नेचर कैंप में बनाए दो टेंटों पर बुधवार रात 3.00 बजे तूफान से कायल का एक विशाल पेड़ गिर गया। हादसे में दो सैलानियों की मौके पर ही मौत हो गई।
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वहीं, एक गंभीर घायल को प्राथमिक उपचार के बाद आईजीएमसी शिमला भर्ती कराया गया है। गनीमत यह रही कि क्षतिग्रस्त दूसरे टेंट में कोई नहीं नहीं था, वरना और जानें जा सकती थीं। पोस्टमार्टम के बाद दोनों पर्यटकों के शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
तीनों सैलानी पंजाब के जालंधर से शिमला घूमने के बाद नारकंडा पहुंचे थे। कुल आठ लोगों का ग्रुप था। उन्होंने रात फॉरेस्ट कॉरपोरेशन टेंटों में गुजारने की ठानी, लेकिन देर रात दो दोस्त हादसे का शिकार हो गए। तीनों शिक्षा विभाग में क्लर्क पद पर तैनात हैं।
वीरवार को था वापसी का प्रोग्राम
पुलिस का कहना है कि हादसे में मारे गए कर्मचारियों के परिजनों को भी सूचना दे दी गई है।
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वीरवार को उनका वापसी का प्रोग्राम था। पुलिस के अनुसार थाना क्षेत्र कुमारसैन के नारकंडा में फॉरेस्ट कॉरपोरेशन ने एक नेचर कैंप बनाया है। इसमें सात टेंट और तीन हट बनाई हुईं हैं।
बुधवार रात आए तूफान में कायल का पेड़ गिरने से एक टेंट में सो रहे अशोक सिद्धू (45) पुत्र मोती राम निवासी 26 ई गवर्नमेंट क्वार्टर जालंधर और राजेश कुमार (36) पुत्र सवर्ण दास दामुंडा नजदीक आदमपुर जालंधर (पंजाब) की मौके पर ही मौत हो गई।
गगन आजाद (32) पुत्र ओमप्रकाश निवासी निजातम नगर जालंधर हादसे में घायल हुए हैं। थाना प्रभारी कुमारसैन विरोचन नेगी ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। घायल का आईजीएमसी शिमला में इलाज चल रहा है। पुलिस मामला दर्ज करके छानबीन में जुटी है।
मृतकों के परिजनों को दी 4.5 लाख सहायता राशि
जिला प्रशासन के माध्यम से मृतकों के परिजनों को 4.5 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है।
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नेचर कैंप में पंजाब के दो सैलानियों की मौत पर वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी और प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केवल सिंह पठानिया ने शोक जताया है।
मौके पर पहुंचे केवल सिंह पठानिया ने बताया कि जिला प्रशासन के माध्यम से मृतकों के परिजनों को 4.5 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है। साथ ही कहा कि घायल के इलाज और शवों को जालंधर पहुंचाने का खर्च भी फॉरेस्ट कॉरपोरेशन उठाएगा।
जला हुआ था पेड़ का तना
कायल के पेड़ को वन विभाग के अधिकारी भले ही ठीक मान रहे हो, लेकिन जड़ के पास पेड़ का तना जला हुआ था। जिस जगह से पेड़ टूटकर गिरा है वह भी खोखला लग रहा है।