दिनभर टेस्ट के लिए यहां वहां भटकते रहे मरीज, आपातकालीन वार्ड में टेस्ट कराने को भेजने पर लगी भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में एक्सरे मशीन खराब हो गई है। मशीन खराब होने से वीरवार को एक्सरे करवाने आए मरीज दिनभर परेशान रहे। सबसे अधिक परेशानी आर्थो, श्वास रोगियों और मेडिसिन वार्ड में दाखिल मरीजों को हो रही है। इन मरीजों को रुटीन के टेस्ट करवाने के लिए नए भवन आना पड़ रहा है। वीरवार को भी मशीन के दुरुस्त न होने से आपातकालीन वार्ड में दिनभर मरीजों की भीड़ लगी रही। इसके चलते यहां पर सामाजिक दूरी की अनुपालना नहीं हो पाई। प्रबंधन की यह ढील लोगों पर भारी पड़ सकती है।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में पिछले कुछ दिनों से मशीन खराब है। हालांकि बीच में मशीन चली थी लेकिन अब दोबारा खराब हो गई। मशीन में कुछ तकनीकी खराबी आई हैै। लेकिन इतने दिनों बाद मशीन ठीक न होने से प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। कोरोना के मामलों में कमी आने के बाद रेडियोलॉजी विभाग ने डी ब्लॉक स्थित पुराने भवन में दाखिल आर्थो, श्वास और मेडिसिन विभाग में दाखिल रोगियों के रुटीन के टांग, बाजू छाती के एक्सरे शुरू कर दिए थे। मरीजों को भी नई बिल्डिंग में जाने से छुटकारा मिल गया था। अस्पताल के इस विभाग में रोजाना औसतन 250 एक्सरे होते हैं। अब मशीन के खराब होने से मरीजों को इन टेस्टों के लिए आपातकालीन वार्ड में स्थापित मशीनों में यह टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं जिससे वहां भीड़ लग रही है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्ग और सड़क हादसों में घायल मरीजों को पेश आ रही है। चौपाल के रमेश ने कहा कि उनके मरीज की टांग टूट गई है। एक तीमारदार को स्ट्रेचर लाने पर इधर-उधर ले जाने में काफी समस्या पेश आती है। अमृत नेगी ने बताया कि प्रबंधन द्वारा मरीजों की सहूलियत का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। कहा कि जल्द मशीनेें दुरुस्त की जाए ताकि मरीजों को दिक्कतें पेश न आए।
जल्द ठीक करवाई जाएगी मशीन : डॉ. सुरेंद्र
आईजीएमसी के कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि एक्सरे मशीन खराब होने को लेकर जानकारी नहीं है। ऐसा है तो इसे जल्द ठीक करवाया जाएगा।