शिमला के होटल होली डे के सामने टूरिज्म की पार्किंग में सैलानियों से खुली लूट हो रही है। सैलानियों से छह घंटे गाड़ी पार्क करने के 200 रुपये वसूले जा रहे हैं। सैलानी टूरिज्म अफसरों से शिकायत कर रहे हैं तो पार्किंग संचालक पर कार्रवाई करने की बजाय टाल मटोल कर रहे हैं।
वीरवार को यहां सैलानियों की गाड़ियों से जमकर ओवरचार्जिंग की गई। ग्वालियर से शिमला घूमने आए एक परिवार ने जब होटल होली डे होम के प्रबंधक के मोबाइल पर ओवर चार्जिंग की शिकायत की तो उन्हें जवाब मिला कि यह टूरिज्म की पार्किंग ही नहीं है।
इस बारे में जब मीडिया ने संबंधित अफसर से बात करनी चाही तो उन्होंने माना कि एक शिकायत आई थी लेकिन वह किसी प्राइवेट पार्किंग की बात कह रहे थे। जब अफसर से कहा गया कि टूरिज्म की ही पार्किंग में गाड़ी खड़ी है तो जांच की बात कही।
किस काम की ऐसी कार्रवाई?
जांच के नाम पर तुरंत टूरिज्म ने पार्किंग संचालक को सचेत कर दिया और उसके फोन मीडिया कार्यालय में घनघनाने लगे। छानबीन के लिए जिस कर्मचारी को भेजा गया, उसे यह कहकर लौटा दिया गया कि गाड़ी दो दिन के लिए लगी थी।
मौके पर गए कर्मचारी ने सैलानियों के बयान लेना भी जरूरी नहीं समझा। इस गोरखधंधे को रोक पाने में टूरिज्म महकमा क्यों हिचक रहा है, यह बड़ा सवाल है। उधर, इस बारे में होटल होली डे होम के प्रबंधक विजय शर्मा ने कहा कि मौके पर कर्मचारी भेजे गए हैं।