मजदूर दिवस पर सीटू के कार्यकर्ताओं ने माल रोड पर धारा 144 का उल्लंघन कर गिरफ्तारियां दीं। 46 दिनों से हड़ताल पर बैठे शौंगटोंग परियोजना के मजदूरों के समर्थन में यह गिरफ्तारियां दी गईं। इस दौरान पुलिस और सीटू के कार्यकर्ताओं के बीच धक्का मुक्की भी हुई। सीटू के कार्यकर्ता धरने से उठने को तैयार नहीं थे। लिहाजा कुछ लोगों को जबरन उठाकर गाड़ी में डाला गया।
राज्य सचिव विजेंद्र मेहरा ने दावा किया कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार इस तरह के मजदूर दिवस पर गिरफ्तारियां देकर मजदूर दिवस मनाया गया। इसके अलावा प्रदेश के दूसरे जिलों में भी मजदूर दिवस मनाया गया। शिमला में मजदूर दिवस के मौके पर दर्जनों मजदूर सीटू कार्यालय में एकत्रित हुए। यहां से एजी चौक से होते हुए मालरोड के स्कैंडल प्वाइंट तक पहुंच गए।
वहां पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन और गिरफ्तारियों का नेतृत्व सीटू राज्य सचिव विजेंद्र मेहरा ने किया। उनके साथ बाबू राम, विनोद, पूर्ण चंद, बालक राम, मोहन, सन्नी, संजीव कुठियाला, विक्रम, प्रेम दीवान, जगदीश, पवन शर्म, चंद्रकांत, बलबीर पराशर, विपिन शर्मा, नोबल, उत्तम, उमा, कृष्ण, राजू, अनूप, ओमप्रकाश, सुरेंद्र, दर्शन, राकेश, सोनिया, आशु, विवेक, सुरेश, राजेश, निशा, भूप सिंह, कर्मचंद, भूपेंद्र और प्रेम इत्यादि मौजूद रहे।
मेहरा ने कहा कि जिस तरह एक मई 1886 कोअमरीका के शिकागो में मजदूर आंदोलन को कुचलने की कोशिश की गई थी। वैसी ही कोशिश धारा 144 लगाकर शौंगटोंग में की जा रही है। प्रदेश सरकार व विधानसभा उपाध्यक्ष तानाशाही कर रहे हैं। 15 मार्च को हुए समझौते को लागू न करके बर्बरता फैला रहे हैं।
शौंगटोंग में श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ रही हैं। मजदूरों को न्यूनतम वेतन तक नहीं मिल रहा है। मजदूर चार साल से समस्याओं से जूझ रहे हैं और सरकार सोई हुई है। श्रम विभाग मौन है। इसलिए मजदूर दिवस के मौके पर गिरफ्तारियां देकर सरकार की तानाशाही का विरोध किया गया। एसपी शिमला डी डब्ल्यू नेगी ने कहा कि माल रोड पर धारा 144 का उल्लंघन करने पर सीटू के दर्जनों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।