वहीं पूरे देश में एक साथ चुनाव करवाने को अधिक खर्च और प्रशिक्षित स्टाफ जैसी कई दिक्कतें पेश आएंगी, जिससे गड़बड़ी के साथ कानून व्यवस्था बनाए रखना भी आसान नहीं होगा।
इसलिए एक साथ चुनाव करवाना तर्कसंगत और संभव ही नहीं हो सकता। वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में 50 कॉलेजों की टीमों ने भाग लिया। संभाषण की हुई स्पर्धा में 62 टीमों ने भाग लिया।
युवा महोत्सव संचालन समिति के मुखिया डा. ओपी शर्मा ने बताया कि दूसरे दिन क्ले मॉडलिंग की स्पर्धा में 32, जबकि कोलाज मेकिंग में 34 कॉलेजों की टीमों ने भाग लिया। प्रश्नोत्तरी के हुए मुकाबलों में 50 कॉलेजों की टीमों ने भाग लिया।
इसकी प्रथम चरण में हुई लिखित परीक्षा में 120 प्रतिभागियों ने भाग लिया। युवा महोत्सव के दूसरे दिन के सुबह के सत्र की अध्यक्षता धामी सोलह मील कॉलेज की प्रिंसिपल डा. ललिता चंदन ने की, जबकि
दोपहर बाद के सत्र की अध्यक्षता संजौली कॉलेज के प्राचार्य डा. सीबी मेहता ने की। कोटशेरा कॉलेज के प्राचार्य डा. इंद्रजीत सिंह ने दूसरे दिन शुरू हुई स्पर्धाओं के प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।