शिमला। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को लेकर खतरा भी बढ़ गया है। 29 अप्रैल को उनके हिमाचल दौरे से ठीक पहले आईबी ने हिमाचल सरकार को उनकी सुरक्षा संबंधी अलर्ट भेजा। इसमें हिमाचल जैसे शांत राज्य में भी मोदी को हाई सिक्योरिटी जोन देने को कहा गया। इसमें एक हिदायत यह भी थी कि रैलियों के लिए यदि वाया रोड उनका मूवमेंट हो तो कम से कम 200 मीटर दायरे की क्षमता के जैमर प्रयोग किए जाएं।
इस अलर्ट के बाद मोदी की रैलियों को लेकर एडवांस सिक्योरिटी लॉयजन बैठक हुई। इसमें हिमाचल पुलिस के अफसरों के साथ कार्यवाहक मुख्य सचिव (गृह) पी. मित्रा भी शामिल हुए। आईबी अलर्ट को हिमाचल सरकार ने गंभीरता से लिया और रैलियों में जैमर देने का फैसला हुआ। हालांकि ऐसे जैमर हिमाचल पुलिस के पास नहीं हैं। इसकी लागत भी करीब 2 करोड़ है। ऐसे में पंजाब और चंडीगढ़ से दो जैमर मंगाए गए। एक जैमर पालमपुर रैली में लगाया गया तो दूसरा सोलन में। मंडी के पड्डल में इसकी जरूरत इसलिए नहीं पड़ी, क्योंकि यहां हेलिकाप्टर पड्डल में ही उतरा और रोड से मोदी की कोई मूवमेंट नहीं हुई।
राज्य गृह विभाग के शीर्षस्थ सूत्र ने बताया कि बिहार के पटना में हुई रैली के धमाकों के बाद नरेंद्र मोदी की सुरक्षा की दो बार समीक्षा हो चुकी है। दो हफ्ते पहले ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नए सिरे से मोदी को लेकर गाइडलाइंस जारी की हैं। लेकिन इस बार आईबी के अलर्ट के आधार पर सुरक्षा कवच और कड़ा किया गया। नरेंद्र मोदी जेड प्लस कैटेगरी में तो हैं, लेकिन उनके साथ एसपीजी का सुरक्षा दस्ता नहीं है। डीजीपी संजय कुमार ने पंजाब और चंडीगढ़ से जैमर लेने की पुष्टि की।