शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने वीरवार को एलान किया कि पंजाब विधानसभा में भी संसद की तर्ज पर डॉ. भीम राव अंबेडकर का बुत लगाया जाएगा। साथ ही उनके जीवन की उपलब्धियों और संघर्ष के बारे में युवा पीढ़ी को जागरूक करने के लिए पंजाब सरकार 26 नवंबर तक प्रदेश के अलग अलग शहरों में कार्यक्रम करेगी। इसकी शुरुआत फगवाड़ा में वीरवार को आयोजित डॉ. अंबेडकर की 125वीं जन्मशताब्दी पर आयोजित राज्यस्तरीय समागम से की गई।
डॉ. चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से पंजाब यूनिवर्सिटी में डॉ. अंबेडकर के नाम पर एक चेयर स्थापित की जा रही है। उन्होंने कहा कि 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में प्रदेश में पहली 125 पोजीशन पर आने वाले बच्चों को बाबा साहिब की याद में एक लाख और डेढ़ लाख रुपये दिए जाएंगे।
कैबिनेट मंत्री भगत चुनी लाल ने भी डॉ. अंबेडकर के जीवन से सीख लेने पर बल दिया। सभ्याचारक मामलों के मंत्री सोहन सिंह ठंडल ने कहा कि पंजाब सरकार ने डॉ. साहिब की स्मृति में जिन समागमों की शुरुआत की गई है, उसी सिलसिले में 26 नवंबर को लुधियाना में एक ऐतिहासिक रैली रखी गई है।
सीपीएस सोमप्रकाश कैंथ ने कहा कि बाबा साहिब ने सामाजिक क्रांति लाने में अहम रोल निभाया। आज उनके संघर्ष और देन की बदौलत ही विधानसभा में दलित समाज में से 34 एमएलए है। उन्होंने कहा कि यूएनओ द्वारा बाबा साहिब का जन्मदिवस मनाना पूरे भारत के लिए गौरव का विषय है।
सीपीएस पवन टीनू ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल पंजाब के लोगों को मूर्ख बना रहे हैं। पूर्व मंत्री बीबी जगीर कौर ने कहा कि डॉ. अंबेडकर सिर्फ कुछ लोगों के नही समूची मानवता के मसीहा हैं। समागम को पूर्व कैबिनेट मंत्री सरवण सिंह फिल्लौर, पंजाब मार्कफैड के चेयरमैन जरनैल सिंह वाहद, मार्केट कमेटी के चेयरमैन सरवण सिंह कुलार, एडवोकेट एसएल विरदी ने संबोधित किया।
समागम में सीपीएस बीबी महिंदर कौर जोश, एससी/एसटी कमीशन के चेयरमैन राजेश बाघा, दिलबाग राए, मेयर अरुण खोसला, काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष बलभद्र सेन दुग्गल, सुरिंदर सिंह वालिया, रणजीत सिंह खुराना, पार्षद सर्बजीत कौर, बलजिंदर सिंह ठेकेदार, भाजयुमो अध्यक्ष बल्लू वालिया, ओम प्रकाश बिट्टू और अमित शुक्ला मौजूद थे। जिला प्रशासन की ओर से एडीसी दीप्ती उप्पल ने मुख्य मेहमानों को सम्मानित किया।