लखनऊ में प्रदर्शन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने बर्बरता से लाठीचार्ज कर दी। जब एक तस्वीर पर लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया तो पुलिस प्रवक्ता ने अजीबोगरीब तर्क दिए। गौरतलब है कि 18 हजार रुपये वेतन व राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लखनऊ के हजरतगंज में प्रदर्शन कर रही हैं। मंगलवार को पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। तब ये तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। (आगे पूरी तस्वीर देखें और पढ़ें पुलिस प्रवक्ता का तर्क।)
पुलिस प्रवक्ता ने बर्बरता से इंकार किया और अजीबोगरीब तर्क दिए। जो कि इस प्रकार हैं- व्हाट्सएप्प पर हज़रतगंज में रोड जाम कर अराजकता फैला रही आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के संबंध में एक फोटो वायरल हो रहा है। फ़ोटो को बिना समझे कई मित्रो ने उस पर रोष व्यक्त किया है। कृपया फ़ोटो को ध्यान से देखे। दाहिनी ओर एक महिला एक डंडा लिए खड़ी हैं, उनके द्वारा सादे वर्दी में एक महिला कांस्टेबल के सर पर प्रहार किया जिस से वो महिला कांस्टेबल जमीन पर गिर गई, तभी डंडे वाली महिला की दूसरी साथी महिला ने अपनी अन्य महिला साथियो (जो पीछे की और खड़ी हैं, एक महिला का सिर्फ सर दिख रहा है) के साथ मिलकर सर में डंडे की चोट से गिरी महिला कांस्टेबल को ऊपर से दबा लिया (महिला कांस्टेबल का सर और हाथ फ़ोटो में दिख रहा है), जिस से उस महिला कांस्टेबल की जान जा सकती थी। उस महिला कांस्टेबल को ऊपर से दबा रही महिला को हटाने के लिए वहां खड़े हेलमेट पहने पुलिस के व्यक्ति के द्वारा ऊपर की और खींचा गया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पिछले दो दिनों से लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं, तब से अब तक कई बार उनका पुलिस से संघर्ष हो चुका है।
संघर्ष के दौरान कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चोटिल हुई और कई बेहोश हुईं।