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अगर चलाते हैं स्कूटर तो जरूर पढ़ें, सुरक्षित रहेंगे

अमित द्विवेदी, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 01 Feb 2017 11:50 AM IST
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ऑटोमेटिक स्कूटर

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ऑटोमेटिक स्कूटर लोगों को इसलिए ज्यादा पसंद आते हैं क्योंकि इनको चलाना बेहद आसान है। सेल्फ लगाया एक्सीलरेट किया और मंजिल की तरफ आराम से निकल पड़े। पिछले कुछ सालों में ऑटोमेटिक स्कूटरों का बाजार बहुत तेजी के साथ बढ़ा है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ऑटोमेटिक स्कूटर खतरनाक भी हैं अगर इन्हें सही से हैंडल न किया जाए तो। ऐसे ही कुछ टिप्स हम आपके लिए यहां पर लेकर आए हैं। पढ़िए। 
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सर्विस का रखें ध्‍यान 

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ऑटोमेटिक स्कूटर
एक स्‍कूटर की सर्विस मोटरसाइकिल की ही तरह लगभग 2500 किलोमीटर चलाने के बाद हो जानी चाहिए। अगर किसी कारणवश सर्विस में देरी हो रही है तो स्‍कूटर का इंजिन ऑयल चेंज करवा लें। इसके साथ ही स्‍कूटर की बैट्री को नियमित तौर पर जरूर चेक करवाते रहें। ऑटोमेटिक स्कूटर में बहुत कम लोग किक का प्रयोग करते हैं इस वजह से बैट्री की लाइफ सेल्‍फ अधिक प्रयोग होने के कारण बहुत कम हो जाती है। इसलिए जरा सी भी दिक्‍कत होने पर बैट्री की जांच करवा लें। वैसे तो आजकल स्‍कूटरों में अधिकतर बैट्रियां मेनटेनेंस फ्री लगाई जाती हैं।
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किक लगाते समय रहें सजग

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जब स्‍कूटर में बैट्री खराब होने सेल्‍फ खराब होने की स्थिति में किक लगाना पडे तो सबसे ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण हो जाता है कि किक लगाने का तरीका क्‍या होना चा‍हिए। आइए आपको बताते हैं। सबसे पहले स्‍कूटर को फुल स्‍टैंड पर पार्क कर दें। इसके बाद बिना किसी और की सहायता लिए इसमें किक लगाएं। किक लगाते वक्‍त ध्‍यान रखें कि स्‍कूटर का पिछला पहिया पूरी तरह से फ्री रहे। क्‍योंकि किक लगाते वक्‍त पिछला पहिया रोटेट करता है तभी स्‍कूटर स्‍टार्ट होता है। स्‍कूटर जहां पर खड़ा करें ध्‍यान रखें कि वह जगह समतल हो इससे आपको इसे स्‍टार्ट करने में आसानी होगी।
 

किक लगाते समय रेस न दें

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ऑटोमेटिक स्कूटर
एक चीज ध्‍यान रहे ऑटोमेटिक स्‍कूटरों को स्‍टार्ट करते वक्‍त रेस देने की जरूरत नहीं होती ये अपने आप ही एक या दो किक में स्‍टार्ट हो जाते हैं। स्‍कूटर स्‍टार्ट होने के बाद इसे दो चार मिनट ऐसे ही खड़ा रहने दें इससे स्‍कूटर गर्म हो जाएगा और आप आराम से अपनी यात्रा शुरू कर पाएंगे। 
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बैट्री खराब होते ही बदलवाएं

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लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर आप ऑटोमेटिक स्‍कूटर चला रहे हैं तो ध्‍यान रखें कि बैट्री खराब होते ही या सेल्‍फ में दिक्कत होने लगती है। इस समस्या से बचने के लिए बेहतर रहेगा कि आप स्कूटर की बैट्री बदलवा लें। क्‍योंकि अगर आपको स्‍कूटर में किक लगाना पड़े तो फिर ऑटोमेटिक स्‍कूटर रखने का मकसद खत्‍म हो जाएगा। यह एक सहज कम्‍यूटिंग का साधन है इसके साथ तहजीब से पेश आएं। दूर तक जाएंगे।
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दोनों ब्रेक एक साथ लगाएं 

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अगर आप स्कूटर राइड कर रहे हैं और इमरजेंसी में ब्रेकिंग की जरूरत पड़े तो अपना पैर स्कूटर पर ही रखें और दोनों ब्रेक लगाएं। घबराएं नहीं स्कूटर थोड़ा सा अपनी लाइन से इधर-उधर होगा और आप सुरक्षित खड़े हो जाएंगे। बहुत से लोग अपना पैर पहले लटका लेते हैं इसके बाद ब्रेक लगाते हैं जिससे उन्हें काफी चोट आती है। 
 
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साइड मिरर न निकालें 

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स्कूटर में रियर व्यू के लिए दिए गए दोनों साइड मिरर को अक्सर लोग टशन में निकाल देते हैं। लेकिन आपको बता दें कि ये मिरर उस समय बेहद अहम भूमिका निभाते हैं जब हाईवे पर होते हैं। स्कूटर की गति अन्य वाहनों के मुकाबले काफी कम होती है। ऐसे में अगर आपको पीछे आ रहे वाहन नजर नहीं आएंगे तो आप पर हमेशा खतरा मंडराता रहेगा। इसलिए साइड मिरर को लगा रहने दें यह एक सेफ्टी इक्विपमेंट है जो आपकी सुरक्षा के लिए दिया गया है। 
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