कांग्रेस नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी मध्यप्रदेश में कांग्रेस की हार से जबरदस्त क्षुब्ध हैं। वो इस हार के कारण कांग्रेस नेतृत्व से खासे खफा हैं।
उनका कहना है कि पिछले दो साल से कांग्रेस नेतृत्व से बार-बार कहा जा रहा है कि मध्यप्रदेश की जनता दिग्विजय सिंह को सबसे ज्यादा नापसंद करती है, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व उन लोगों की आवाजें सुनता नहीं हैं जो कड़वी बात करते हैं।
चतुर्वेदी ने अमर उजाला को बताया कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस को हानि पहुंचाने वाले दिग्विजय सिंह को पूरे चुनाव में सबसे अहम स्थान दिया गया। उनके मुताबिक, ‘प्रदेशाध्यक्ष भी उनका आदमी, नेता प्रतिपक्ष भी उनका आदमी, वही टिकट बांट रहे हैं।
कांग्रेस नेतृत्व आखिर करना क्या चाहता है। जिस आदमी को मध्यप्रदेश के लोग सबसे ज्यादा नापसंद करते हैं, उसे ही सबसे ज्यादा महत्व दिया जा रहा है।’
कांग्रेस नेतृत्व सुनता है चापलूसों की बात
सत्यव्रत चतुर्वेदी कांग्रेस नेतृत्व से भी खासे नाराज हैं। वह साफ कहते हैं, ‘चापलूसों की बातें सुनी जाती हैं। उन्हें माना जाता है। जो लोग खरी बात करते हैं, पार्टी के फायदे की बात करते हैं, उन्हें सुना ही नहीं जाता है।’
लोकसभा चुनाव से पहले कांतिलाल भूरिया को हटाने के सवाल पर सत्यव्रत चतुर्वेदी का कहना है, ‘आपने सब कर के देख लिया। भूरिया को अध्यक्ष बनाकर देख लिया।
मोहन प्रकाश जी को लाकर देख लिया। अब उन्हें हटाकर देख लो। कांग्रेस नेतृत्व को जो समझ आए, वह करे। जब अप्रिय बातों को सुनना ही नहीं है तो क्या करें।’
सत्यव्रत चतुर्वेदी उन नेताओं में से हैं, जिन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रचार अभियान की कमान सौंपने की वकालत की थी। उन्हें प्रदेश की राजनीति में दिग्विजय सिंह का धुर विरोधी माना जाता है।