प्रमाण पत्रों की वैधता अवधि बढ़ाए जाने के आदेश को लागू कराने से उपजे विरोध के कारण मंगलवार को भी तहसीलों के लोकवाणी केंद्र बंद रहे।
कर्मचारियों ने आए दिन होने वाले हंगामे से निपटने के लिए समुचित सुरक्षा व्यवस्था लगाए जाने की मांग करते हुए दूसरे दिन भी सुबह से काम नहीं किया।
दोपहर तक कामकाज ठप रहा। सदर तहसील में हुए हंगामे के बाद मोहनलालगंज, बख्शी का तालाब, मलिहाबाद के केंद्रों पर काम सुचारु रूप से नहीं हो पाया।
जिला प्रशासन अधिकारियों ने मंगलवार को वकीलों के विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से बात की। उसके बाद अधिकारियों ने कर्मचारियों को सुरक्षा का आश्वासन देते हुए काम पर वापस लौटने के लिए सहमत किया।
अधिकारियों की ओर से भरोसा दिलाए जाने के बाद कर्मचारियों ने तहसील के कुछ पटल पर काम शुरू किया। जबकि अधिसंख्य कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा।
बीते सप्ताह शासन ने पूरे प्रदेश में तहसील से जारी होने वाले प्रमाण पत्रों की वैधता अवधि छह माह से बढ़ाकर तीन साल कर दी है।
वकीलों, स्टांप एवं नोटरीकर्ताओं ने इसका विरोध शुरू किया। इनका कहना है कि तीन साल के लिए प्रमाण पत्रों को वैध किए जाने से जहां प्रमाण पत्रों में फर्जीवाड़ा को बढ़ावा मिलेगा।