केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत के पदोन्नति में आरक्षण के समर्थन में दिए गए बयान को लेकर उत्तर प्रदेश के कर्मचारियों में जबरदस्त रोष है। गुस्साए कर्मचारियों, अधिकारियों और शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि अगर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले में दखल देने की कोशिश की गई तो केंद्र सरकार को इसके परिणाम भुगतने होंगे।
और पढ़ें
सर्वजन हिताय संरक्षण समिति ने एक बयान जारी करके गहलोत के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि वोट की राजनीति का जवाब वोट से दिया जाएगा।
समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे का कहना है, इस फैसले के विरोध में दायर की गईं सभी याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में खारिज की जा चुकी हैं। उन्होंने गहलोत के बयान पर प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से स्पष्टीकरण देने की मांग की है।