राजनाथ सिंह के लखनऊ पहुंचते ही समाजवादी पार्टी ने लखनऊ लोकसभा सीट से अपने उम्मीदवार को बदल दिया है।
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समाजवादी पार्टी की ओर से शाम को भेजे गए प्रेस नोट में बताया गया है कि अब लखनऊ लोकसभा सीट से अखिलेश मंत्रिमंडल के युवा मंत्री अभिषेक मिश्र को टिकट दिया गया है।
गौरतलब है कि अभिषेक के पहले लंबे समय से समाजवादी पार्टी के वरिष्ट नेता अशोक बाजपेयी लखनऊ से चुनावी तैयारियों में जुटे हुए थे।
कई बार मुलायम सिंह यादव ने भी सार्वजनिक सभाओं व कार्यक्रमों में लोगों से बाजपेयी के लिए वोट करने की अपील की थी।
आसानी से जीत नहीं देने वाले मुलायम
राजनीतिक पंडितों की मानें तो मुलायम सिंह यादव किसी भी कीमत पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार नहीं बनने देना चाहती है।
यही वजह है कि सपा ने भाजपा के हर दिग्गज नेता की चुनावी राह मुश्किल बनाने की पूरी तैयारी की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लखनऊ में भी ब्राह्मण वोट काटने के नजरिए से ही राजनाथ के सामने युवा मंत्री को खड़ा किया गया है।
जानकारों का कहना है कि रीता बहुगुणा जोशी पहले ही मजबूत स्थिति में नजर आ रही हैं और अभिषेक मिश्रा के मैदान में आने के बाद राजनाथ के लिए और भी मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी।
अब क्या बनेंगे सियासी समीकरण?
कुछ जानकारों का मानना है कि इससे राजनाथ सिंह को खासी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि अशोक बाजपेयी भी कुछ हद तक ब्राह्मण वोटबैंक को प्रभावित कर रहे थे।
इसके अलावा, अशोक बाजपेयी ने जमीनी स्तर पर लोगों के बीच जाकर अपनी हवा बनाने की भी कोशिश की थी। लेकिन, एन वक्त पर टिकट काटकर अशोक को भी सपा ने नाराज कर दिया है।
ऐसे में यह भी संभावना जताई जा रही है कि बाजपेयी के समर्थक सपा के खिलाफ राजनाथ को जिताने पर उतारू हो सकते हैं।
कुछ लोगों का यह भी कहना है कि अभिषेक मिश्रा का कद राजनाथ के सामने काफी छोटा है और क्योंकि लखनऊ भाजपा का गढ़ रहा है, इसलिए राजनाथ की जीत तय है।
'आप' ने नहीं खोले हैं पत्ते
राजनाथ के लिए भले ही कांग्रेस, सपा और बसपा टेंशन न पैदा कर रहे हों, लेकिन आम आदमी पार्टी लखनऊ में गेम स्प्वॉयलर साबित हो सकती है।
मोटे तौर पर लखनऊ से आप के दो नाम चल रहे हैं। एक हैं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पौत्र आदर्श शास्त्री और दूसरे हैं अरविंद के खास इलियास आजमी।
अगर इलियास मैदान में उतरते हैं, तो राजनाथ के लिए मुश्किल बढ़ सकती हैं। क्योंकि, जानकारों की नजर में मुस्लिम वोट एक तरफा इलियास की झोली में गिर सकता है।
आदर्श शास्त्री भी मोटे वोटबैंक को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में देखना होगा कि भाजपा की सियासी रणनीति क्या होती है।