बीएड की संयुक्त प्रवेश परीक्षा और बीए तृतीय वर्ष की सोशल वर्क विषय की वार्षिक परीक्षा टकरा गई है। दोनों परीक्षाएं एक ही दिन पड़ने से हजारों स्टूडेंट्स के सामने असमंजस की स्थिति खड़ी हो गई है।
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अगर परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव नहीं किया गया तो हजारों स्टूडेंट्स को एक परीक्षा छोड़नी होगी। तीन मई को बीएड की प्रवेश परीक्षा के साथ ही लविवि में स्नातक के बीए तृतीय वर्ष के सोशल वर्क का प्रथम प्रश्न पत्र, मैथ्स और बीएससी मैथ्स की भी परीक्षा है।
गौरतलब है कि स्नातक और परास्नातक अंतिम वर्ष में पढ़ने वाले स्टूडेंट भी अब बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में आवेदन कर सकेंगे। लेकिन लविवि में बीए और बीएससी के पेपर और बीएड की प्रवेश परीक्षा की तारीख को लेकर मामला फंस गया है।
हाईकोर्ट के आदेश को देखते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय ने बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 10 अप्रैल तक बढ़ा दी है। सभी अभ्यर्थी 10 अप्रैल तक आवेदन कर सकेंगे, जिसके अनुसार स्नातक और परास्नातक के अभ्यर्थी छह अप्रैल से ही आवेदन कर सकेंगे। लेकिन परीक्षा की तिथियों को लेकर मामला गड़बड़ होने से हजारों अभ्यर्थियों के सामने असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
आवेदन के लिए 50 फीसदी नंबर अनिवार्य
डेमो
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अभ्यर्थी परेशान हैं कि अगर तिथियों में बदलाव नहीं किया गया तो एलयू के बीए और बीएससी के हजारों स्टूडेंट्स प्रभावित होंगे। आपको बता दें कि लखनऊ विवि ने एनसीटीई के मानकों के हिसाब से स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रम की डिग्री होने पर ही बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन करने का निर्देश जारी किया था।
बीएड में आवेदन करने के लिए स्नातक या परास्नातक में 50 फीसदी नंबर की अनिवार्यता है। एनसीटीई के निर्देश के अनुसार अभ्यर्थी के पास आवेदन के समय ही डिग्री होनी चाहिए।
इसलिए अंतिम वर्ष के स्टूडेट्स को आवेदन का मौका नहीं दिया गया था। इसके खिलाफ कुछ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए छह सप्ताह तक मामले मेें स्टे दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया 30 जून तक निपटानी है। इसको देखते हुए विवि प्रशासन ने अंतिम वर्ष के स्टूडेंट्स को आवेदन का मौका देने का फैसला किया है। इसी वजह से आवेदन करने की अंतिम तारीख भी बढ़ाकर 10 अप्रैल निर्धारित कर दी गई है।