ऐशबाग जलकल से जुड़े तीन लाख लोगों की पानी की किल्लत अगले महीने दूर होने वाली है।
नई राइजिंग मेन लाइन शुरू होने के बाद जलकल की क्षमता 200 एमएलडी (मिलियन लीटर डेली) से बढ़कर 245 एमएलडी हो जाएगी।
क्षमता बढ़ने के बाद जलकल से केकेसी जोनल, मेहंदीगंज और गढ़ी कनौरा जोनल पम्पिंग स्टेशन को पानी दिया जाने लगेगा। अभी यहां पर नलकूप से पानी की सप्लाई हो रही है और वह पर्याप्त नहीं है।
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नई लाइन शरू हो जाने का फायदा एमईएस (रेलवे इंजीनियरिंग सर्विसेज) को मिलेगा। वादे के तहत जलकल विभाग इसे 10 एमएलडी पानी नहीं दे पा रहा है।
ऐशबाग जलकल से जुड़े इलाकों में पेयजल किल्लत को देखते हुए ही इसकी क्षमता 45 एमएलडी और बढ़ाई गई है। इसके लिए गऊघाट से लेकर जलकल तक 1300 एमएम की नई राइजिंग मेन लाइन डाली गई है।
नई राइजिंग मेन लाइन बिछाने का काम तो करीब छह महीने पहले पूरा हो चुका है, सिर्फ 45 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का 20 प्रतिशत काम अभी शेष है।
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अभी गऊघाट पम्पिंग स्टेशन से 1200 एमएम व 700 एमएम की दो लाइनों से जलकल तक कच्चा पानी लाया जाता है। नई लाइन शुरू होने के बाद 700 एमएम की लाइन तो काम करेगी, लेकिन 1200 एमएम की लाइन बंद कर दी जाएगी।
गऊघाट से ऐशबाग जलकल तक कच्चा पानी पहुंचाने लिए करीब 70 साल पहले राइजिंग मेन लाइन बिछाई गईं थी। अब आबादी बढ़ने के साथ ही इन लाइनों पर लोड भी बढ़ा है और यह काफी जर्जर भी हो गई है।
इसके कारण आए दिन इसमें लीकेज आदि की समस्या आती है। इसे देखते हुए ही जेएनएनयूआरएम में हरदोई रोड स्थित गऊघाट पम्पिंग स्टेशन से ऐशबाग जलकल तक नई राइजिंग मेन लाइन बिछाई गई।