प्रदेश के कई जिलों में फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाने के सामने आए मामलों के बीच राजधानी में भी 2718 ऐसे शस्त्र लाइसेंसधारी चिह्नित हुए हैं जो लाइसेंस बनवाते समय दर्ज पते से लापता हैं। थाने से शस्त्र लाइसेंसधारियों की नियमित होने वाली पुलिस जांच की सत्यापन रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
डीएम कौशल राज शर्मा ने इस मामले में पुलिस रिपोर्ट के आधार पर अलग-अलग एडीएम कोर्ट में लंबित ऐसे सभी मामलों का निस्तारण एक माह में करने को कहा है। लाइसेंसधारियों से जुड़े सभी वाद निस्तारित कर 30 सितंबर को कोर्ट वार ऐसे वादों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। उन्होंने डिफॉल्टर लोगों का शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर असलहा जब्त करने का निर्देश दिया है।
असलहे का दुरुपयोग तो नहीं कर रहे लाइसेंसधारी
शहरी व ग्रामीण इलाकों में संचालित 43 पुलिस थाना क्षेत्रों से जुड़े शस्त्र लाइसेंसधारियों की एसएसपी कार्यालय के माध्यम से जिला प्रशासन को भेजी गई पुलिस सत्यापन रिपोर्ट में 2718 शस्त्र लाइसेंसधारी लाइसेंस पर दर्ज पते पर नहीं मिले। रिपोर्ट में बताया गया है कि लाइसेंसधारी दो साल से अधिक से दर्ज पते पर नहीं रह रहे हैं।
इन लोगों ने आवासीय पता बदले जाने के संबंध में थाने को कोई जानकारी भी नहीं दी है। ऐसी जानकारी पुलिस को नहीं मिल सकी कि शस्त्र के साथ लाइसेंसधारी अब कहां रह रहे हैं और खरीदे गए लाइसेंस शस्त्र का दुरुपयोग तो नहीं कर रहे है।
सर्वाधिक 1307 मामले पुराने शहर के
लाइसेंस निरस्त किए जाने की संस्तुति के साथ दर्ज मुकदमों में सर्वाधिक 1307 मामले एडीएम सिटी पश्चिम कोर्ट में पुराने लखनऊ से जुड़े थाना बाजार खाला, ठाकुरगंज, चौक, वजीरगंज व सआदतगंज क्षेत्र से जुड़े हैं। इसके अतिरिक्त 148 मामले एडीएम सिटी प्रशासन कोर्ट में जुड़े ग्रामीण थानाक्षेत्रों के, 898 मामले एडीएम सिटी पूर्वी कोर्ट से जुड़े कैंट, हसैनगंज, हजरतगंज, आलमबाग, कृष्णानगर क्षेत्र के और 365 मामले एडीएम ट्रांस गोमती कोर्ट से जुड़े महानगर, गोमती नगर, इंदिरा नगर, गुंडबा व विकासनगर थानाक्षेत्र से हैं।