प्रदेश के अमेठी में राज्य का पहला नीर प्लांट लगाने की योजना को खुद रेलवे ने ही झटका दे दिया है। उत्तर रेलवे ने रेल नीर प्लांट के लिए चिह्नित जमीन की महंगी दर को कम करने से इन्कार कर दिया है।
इसके चलते आईआरसीटीसी ने अब राज्य सरकार से गौरीगंज में छह गुना सस्ती दर पर रेल नीर के प्लांट के लिए जमीन खरीद ली है।
आईआरसीटीसी को उम्मीद है कि अप्रैल 2014 में गौरीगंज का रेल नीर प्लांट शुरू हो जाएगा।
उत्तर प्रदेश से गुजरने वाली ट्रेनों के यात्रियों को साफ और सही दाम पर पानी उपलब्ध कराने के लिए तत्कालीन रेलमंत्री ममता बनर्जी ने 2010 के रेल बजट में अमेठी सहित देश में छह जगह रेल नीर प्लांट लगाने की घोषणा की थी।
चार जगहों पर ये प्लांट स्थापित हो गए जबकि अमेठी रेल नीर प्लांट का जिम्मा उत्तर रेलवे को दिया गया।
पीपीपी मॉडल पर रेल नीर प्लांट लगाने की कार्रवाई दो साल तक सुस्त रही। अमेठी रेलवे स्टेशन के पास जमीन चिह्नित करने के अलावा प्लांट लगाने की दिशा में कोई काम ही नहीं हुआ।
उधर, नई खानपान नीति आने के बाद अप्रैल-2012 में रेल नीर प्लांट लगाने का जिम्मा उत्तर रेलवे से लेकर आईआरसीटीसी को दे दिया गया।
आईआरसीटीसी ने उत्तर रेलवे से प्लांट के लिए 8000 वर्गमीटर जमीन देने का प्रस्ताव भेजा। इस पर उत्तर रेलवे जमीन देने को तैयार तो हो गया लेकिन उसने सात हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से जमीन की कीमत मांगी।
इससे आईआरसीटीसी पर करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये जमीन पर ही खर्च करने का भार पड़ गया। जमीन ज्यादा महंगी होने पर आईआरसीटीसी ने रेलवे से इसकी कीमत कम करने का प्रस्ताव भेजा लेकिन उत्तर रेलवे ने इससे इन्कार कर दिया।
अब आईआरसीटीसी ने उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) से गौरीगंज में 8000 वर्गमीटर जमीन 1000 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से खरीदी है। अप्रैल 2014 तक दस करोड़ रुपये की लागत से आईआरसीटीसी इस प्लांट को पूरा करेगा।