गौरी हत्याकांड में यदि कुछ अन्य लोगों के शामिल होने की बात तफ्तीश में सामने आई तो उन्हें भी पकड़ा जाएगा। इस जघन्य हत्याकांड में शामिल पाए जाने वाले सभी लोगों को कड़ी सजा दिलाएंगे। यह कहना है प्रदेश के पुलिस प्रमुख एके जैन का। उन्होंने कहा कि यह केस काफी चुनौतीपूर्ण है इसलिए मैं खुद इसकी समीक्षा कर रहा हूं।
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सीसीटीवी फुटेज व इलेक्ट्रानिक सर्विलांस की मदद से इसका खुलासा हुआ है। लेकिन अभी अन्य संभावनाओं पर तफ्तीश जारी है। इस बीच पुलिस अफसरों का कहना है कि मुख्य आरोपी हिमांशु प्रजापति व उसके दोस्त अनुज गौतम से वीडियो कैमरे के सामने पूछताछ की गई थी।
इसके बाद भी बयान से पलटने की स्थिति आने पर हिमांशु का नार्को टेस्ट कराया जाएगा। अमर उजाला से बातचीत में डीजीपी ने कहा कि सात फरवरी की रात पुलिस ने हिमांशु प्रजापति को वारदात में इस्तेमाल आरी, बाइक, गौरी के मोबाइल व अन्य वस्तुओं के साथ गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ के बाद अनुज गौतम को पकड़ा गया। खुलासे पर सवाल उठते देख वह खुद इस मामले की समीक्षा कर रहे हैं।
किसी को भी नहीं बख्शेंगे
डीजीपी एके जैन ने कहा कि संगीन मामले में आरोपी की गिरफ्तारी पर 90 दिन के भीतर चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत करनी होती है। गौरी हत्याकांड में पुलिस ने तमाम साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं। अब हिमांशु प्रजापति का पुलिस कस्टडी रिमांड लेना है। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में उससे पूछताछ होगी।
गौरी के माता-पिता व अन्य शंकाओं से संबंधित सवाल किए जाएंगे और किसी अन्य व्यक्ति के शामिल होने के मुद्दे पर गहन पूछताछ होगी। तफ्तीश में किसी का भी नाम सामने आया तो उसे हर हाल में पकड़ा जाएगा। लेकिन किसी बेगुनाह को जेल नहीं भेजेंगे।
गौरी हत्याकांड का होगा नाट्य रूपांतरण
एसएसपी को हिमांशु प्रजापति का पुलिस कस्टडी रिमांड लेकर गहन पूछताछ के बाद घटनाक्रम का नाट्य रूपांतरण कराने के आदेश दिए गए हैं। उसने गौरी को कैसे बुलाया, कहां से बाइक पर बैठाया। किन स्थानों पर घूमने के बाद घर पहुंचा।
वहां किस तरह गौरी की हत्या की और घर पर ताला लगाकर अनुज गौतम के साथ कहां-कहां गया? आइसक्रीम खाने व शराब पीने के बाद उसे कब और कहां छोड़ा? आरी व बैग किस समय खरीदे? उन्हें बाइक पर कैसे रखकर घर लाया? वहां क्या तैयारी करने के बाद गौरी के शरीर के टुकड़े किए। उन्हें कैसे बैग में रखकर फेंकने गया? जैसे सवालों की सूची तैयार की जा रही है।
डीजीपी ने बताया कि गौरी हत्याकांड की सिर्फ पुलिस ही पड़ताल नहीं कर रही फॉरेंसिक टीम भी तह तक पहुंचने में जुटी है। विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज तलाशे जा रहे हैं। डिलीट हो चुके फुटेज को रिकवर कराने के प्रयास चल रहे हैं। आरी, बाल व कुछ अन्य वस्तुओं को परीक्षण के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। डीएनए टेस्ट के साथ अन्य परीक्षण भी होंगे।