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सीवर सफाई करने वाले कर्मचारियों का नगर विकास विभाग करायेगा जीवन बीमा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 27 Oct 2018 05:49 PM IST
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सीवर के अंदर उतरकर सफाई करता मजदूर (फाइल फोटो) - फोटो : sabrangindia.in
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नगर निकाय क्षेत्रों में सीवर लाइन और सेप्टिक टैंक में उतरकर सफाई करने वाले सफाई कर्मचारियों का सरकार जीवन बीमा कराएगी। इसका फायदा ऐसे कर्मचारियों के परिवारीजनों को मिलेगा, जिनकी सफाई के दौरान हादसे में मौत होगी। नगर विकास विभाग इस श्रेणी के सभी सफाई कर्मचारियों का 10 लाख रुपये का जीवन बीमा कराने जा रहा है। इस संबंध में सभी नगर निकायों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

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दरअसल, हर साल सीवर लाइन और सेप्टिक टैंकों की सफाई में कई कर्मियों की दम घुटने से मौत हो जाती है। हालांकि सफाई कर्मियों के सीवर लाइन या टैंक में उतरने से पहले उन्हें आधुनिक और जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध कराने का प्रावधान बहुत पहले से है, लेकिन किसी भी निकाय में इसका पालन नहीं हो रहा है।

कर्मचारियों की मौत होने पर उनके आश्रितों को आर्थिक मदद देने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। इससे उनके आश्रितों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति को देखते हुए कर्मचारी संगठन सफाई कर्मियों की मौत पर उनके आश्रितों को एक निश्चित राशि देने की मांग सरकार से कर रहे थे। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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ऐसे में सफाई कर्मियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी। याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मार्च-2014 में ही सफाई कर्मियों का जीवन बीमा कराने के साथ उन्हें आधुनिक उपकरण उलपब्ध कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन सपा सरकार ने इस आदेश पर अमल नहीं किया।

प्रदेश में सरकार बदली तो सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने सीएम व प्रमुख सचिव नगर विकास से मिलकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अमल कराने का अनुरोध किया था। इसके बाद ही नगर विकास विभाग ने सभी निकायों को आदेश जारी कर तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया है।

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